नोएडा अथॉरिटी का बड़ा फैसला, GPA से बिके फ्लैट्स की लीज डीड के लिए 8 सदस्यीय कमेटी गठित, Noida news
नोएडा में रेजिडेंशियल सोसाइटियों के हजारों फ्लैट खरीदारों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। नोएडा अथॉरिटी ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के आधार पर बेचे बेचे बेचे गए फ्लैट्स की लीज डीड एग्जीक्यूट करने के लिए एक 8 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी उन शर्तों और प्रक्रियाओं को तय करेगी जिनके तहत इन फ्लैट्स की लीज डीड को कानूनी रूप से मान्य किया जा सके।
दरअसल, नोएडा में कई रेजिडेंशियल सोसाइटियों में फ्लैट्स को मूल आवंटियों द्वारा लीज डीड एग्जीक्यूट किए बिना ही कई बार GPA के माध्यम से बेचा गया है। इससे अथॉरिटी को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं वर्तमान खरीदारों को कानूनी मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है।
कमेटी का गठन और उद्देश्य
नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई 221वीं बोर्ड मीटिंग में इस कमेटी के गठन का फैसला लिया गया। एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (ACEO) की अध्यक्षता वाली यह कमेटी इस बात पर विचार करेगी कि इन लीज डीड्स को किन शर्तों पर एग्जीक्यूट किया जा सकता है। कमेटी में ग्रुप हाउसिंग, लीगल, फाइनेंस और प्लानिंग विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
वर्तमान में, फ्लैट खरीदारों को त्रिपक्षीय सब-लीज डॉक्यूमेंट रजिस्टर कराने में दिक्कत आती है। यह डॉक्यूमेंट अथॉरिटी, सोसाइटी और खरीदार के बीच होता है, जो फ्लैट का कानूनी मालिकाना हक स्थापित करता है। इस डॉक्यूमेंट की कमी के कारण खरीदारों को बैंक लोन लेने, प्रॉपर्टी बेचने और विरासत संबंधी कानूनी प्रक्रियाओं में बाधा आती है।
किसानों के लिए प्लॉट आवंटन और STP योजना
बोर्ड मीटिंग में अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। अथॉरिटी ने 1976 से 1997 के बीच अधिग्रहित जमीन के बदले किसानों को प्लॉट देने की 2011-1 स्कीम के बचे हुए आवेदकों के लिए भी प्रक्रिया शुरू की है। बचे हुए 588 आवेदकों में से 66 प्लॉटों का आवंटन जल्द ही ड्रॉ के जरिए किया जाएगा।
इसके अलावा, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का पालन करते हुए, नोएडा अथॉरिटी अपने क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाएगी। ये प्लांट नालों के किनारे आधुनिक तकनीक का उपयोग करके स्थापित किए जाएंगे।
