KGMU प्रशासन का बड़ा फैसला, 1947 के बाद बनीं मजारें हटेंगी (Lucknow news)
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने परिसर में अवैध रूप से बनी मजारों को हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन ने 28 फरवरी तक का समय दिया है। यह फैसला उन मजारों पर लागू होगा जो 1947 के बाद बिना अनुमति के बनाई गई हैं। KGMU प्रशासन ने परिसर से मजार हटाने के लिए पहली बार 23 जनवरी को नोटिस चस्पा किया था। अब दूसरा व अंतिम नोटिस सोमवार को चस्पा किया गया है।
KGMU परिसर में कुल छह मजारें हैं। इनमें क्वीन मेरी का मुख्य गेट, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, ट्रॉमा सेंटर परिसर, आर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी भवन और टीजी हॉस्टल परिसर की मजारें शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि 1947 से पहले परिसर में केवल दो मजारें थीं। बाकी की चार मजारें बाद में बनाई गईं। मजार निर्माण के लिए न तो किसी से अनुमति ली गई न ही कोई आदेश है।
KGMU प्रशासन का कहना है कि मजार व अतिक्रमण की वजह से परिसर में आवागमन बाधित होता है। लिहाजा अवैध मजारों को हटाने का फैसला किया गया है। KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि KGMU में अवैध निर्माण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिसर में वर्ष 1947 के बाद बनीं मजारों को हटाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। भूमि खाली होने पर उसका उपयोग मरीजों के हित में किया जाएगा।
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