बक्सर नगर परिषद में बड़ा बदलाव, MLA ने दिए निर्देश: पार्षद की सहमति के बिना नहीं मिलेगा विकास कार्यों का पैसा
बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव नगर परिषद में शुक्रवार को कार्यकारी सभापति विकास ठाकुर की अध्यक्षता में साधारण बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्थानीय विधायक राहुल सिंह भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि अब से विकास योजनाओं का भुगतान संबंधित वार्ड पार्षद की सहमति के बिना नहीं किया जाएगा। यह निर्णय तब आया जब वार्ड संख्या 8 के पार्षद शयमुला कुरैशी ने बिना सहमति सड़कों के निर्माण का मुद्दा उठाया। कार्यकारी सभापति ने स्पष्ट किया कि किसी भी भुगतान के लिए पार्षद की सहमति अनिवार्य है। इसके साथ ही, कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) राहुलधर दुबे ने सभी पूर्ण योजनाओं का कनीय अभियंता द्वारा भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया।
बैठक में कई पार्षदों ने पूर्व ईओ मनीष कुमार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई कार्य बिना जानकारी और सहमति के कराए गए थे। पार्षदों ने नगर क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए इस बार अलाव स्थानों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की। विधायक राहुल सिंह ने नगर की कमजोर ड्रेनेज प्रणाली को सुधारने के सुझाव दिए, जिस पर तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
शहरी क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट और डेकोरेटेड लाइट की खराबी पर भी नाराजगी जताई गई। पार्षदों ने संबंधित एजेंसी की लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए तुरंत सुधार की मांग की। सफाई वाहनों के रूट निर्धारण को लेकर उपसभापति ने स्वच्छता पदाधिकारी को निर्देशित किया। वहीं वार्ड 23 के पार्षद धीरेंद्र निराला ने डंपिंग यार्ड की व्यवस्था तेज करने की मांग की, जिस पर ईओ ने बताया कि लीज पर जमीन लेने का निर्देश विभाग से मिला है और इसके लिए 5 एकड़ भूमि की जरूरत होगी।
बैठक में लेखपाल उत्तम कुमार की अनुपस्थिति और कार्यशैली पर कई पार्षदों ने आपत्ति जताई। उपसभापति ने ईओ को नगर विकास एवं आवास विभाग को पत्र भेजने का निर्देश दिया। सबसे गंभीर मुद्दा होल्डिंग टैक्स वसूली करने वाली निजी कंपनी का रहा, जिस पर भी कार्रवाई केई कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
