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भोपाल मेट्रो का ‘घाटा’ बढ़ा: 8 लाख खर्च, 15 हजार कमाई, यात्रियों की कमी से चिंता

By Jan 22, 2026

भोपाल मेट्रो के संचालन को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन इसकी आर्थिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रायोरिटी कॉरिडोर पर रोजाना लगभग 8 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, जबकि आय केवल 15 हजार रुपये के आसपास है। यह भारी घाटा यात्रियों की कम संख्या का सीधा परिणाम है, जिससे प्रबंधन की चिंताएं बढ़ गई हैं।

यात्रियों की कमी को देखते हुए, मेट्रो प्रबंधन ने 5 जनवरी से सुबह के चार फेरे कम कर दिए हैं। पहले जहां मेट्रो रोजाना 17 फेरे लगाती थी, वहीं अब यह संख्या घटकर 13 रह गई है। इसके बावजूद, आय में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। भोपाल मेट्रो का मासिक संचालन खर्च लगभग 2.5 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

घाटे से उबरने के लिए, प्रबंधन फेरों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह यात्रियों की संख्या बढ़ा पाएगा। वैकल्पिक आय स्रोतों के रूप में, मेट्रो स्टेशनों पर विज्ञापन के लिए जगह लीज पर देने की योजना है। फिलहाल, लोग मेट्रो को ‘जॉय राइड’ के तौर पर देख रहे हैं, जिससे वीकेंड पर भीड़ बढ़ती है, जबकि सामान्य दिनों में यात्री संख्या बेहद कम रहती है। शुरुआत में रोजाना लगभग 7 हजार यात्री सफर कर रहे थे, जो अब घटकर 300-350 प्रतिदिन रह गए हैं।

यात्रियों की संख्या बढ़ाना बड़ी चुनौती

भोपाल मेट्रो के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों का भरोसा और संख्या बढ़ाना है। जब तक मेट्रो को पूरी कनेक्टिविटी नहीं मिलेगी, तब तक राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी संभव नहीं है। एमडी, एमपी मेट्रो एस. कृष्णा चैतन्य के अनुसार, मार्च तक सिग्नलिंग का काम पूरा होने के बाद अतिरिक्त ट्रिप चलाई जा सकती हैं, जिससे कुछ अतिरिक्त आय हो सकती है।

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