भरतपुर स्टेशन पर ट्रेन मैनेजरों से अभद्रता, रेल कर्मचारियों में गहरा रोष
भरतपुर स्टेशन पर टूंडला के ट्रेन मैनेजरों के साथ हुई कथित अभद्रता के मामले ने रेल कर्मचारियों के बीच गहरा रोष पैदा कर दिया है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेन्स यूनियन (एनसीआरएमयू) के पदाधिकारियों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करते हुए डीटीएम टूंडला पूर्वी गर्ग को एक ज्ञापन सौंपा है।
जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 09569 से ड्यूटी समाप्त कर लौट रहे ट्रेन मैनेजर सतेन्द्र कुमार, विशाल सिंह और वाशु यादव के साथ भरतपुर स्टेशन पर यह घटना हुई। आरोप है कि मजिस्ट्रेट ने तीनों कर्मचारियों से उनका परिचय पत्र और प्राधिकरण मांगने के बाद भी उन्हें ब्रेकवान से उतार लिया। इसके बाद उन्हें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक थाने में बंद रखा गया, जहाँ उन्हें भोजन-पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे भी आगे बढ़कर, यह भी आरोप है कि मजिस्ट्रेट ने कर्मचारियों से जबरन माफीनामा भी लिखवाया।
इस घटना से रेल कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इसे अपनी गरिमा पर हमला बताते हुए तत्काल दोषी मजिस्ट्रेट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर, टूंडला मुख्यालय के ट्रेन मैनेजरों ने न्यू फुलेरा वर्किंग को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे रेल परिचालन प्रभावित हो सकता है।
एनसीआरएमयू के मैकेनिकल शाखा के शाखा मंत्री जयकिशन अजवानी ने इस मामले में स्पेयर यात्रा के लिए उचित पास और ट्रेनों में सीट की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, शाखा मंत्री गौरव कुमार ने दोषी मजिस्ट्रेट अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की वकालत की है।
इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता मंडल उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने की, जबकि संचालन शाखा मंत्री सरदार सिंह ने किया। प्रदर्शन में मंडल उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह, सरदार सिंह, जयकिशन अजवानी, गौरव कुमार, दीपक शर्मा, विनोद कुमार बघेल, सतेंद्र यादव, संजीव यादव, अमित पाल सिंह, सुशील कुमार, रीतेश वर्मा, मुन्ना कुमार सिंह, कृष्णा पटेल, अंकित यादव, सुशील कुमार, कुशल कुमार, सुनील कुमार, विकास कुमार सहित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी मौजूद रहे। यह घटना रेल कर्मचारियों के बीच सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
