भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे पीएनबी शाखा प्रबंधक, इटावा भेजे गए
औरैया के जमालशाह रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा प्रबंधक पर आठ से अधिक ग्राहकों ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राहकों का आरोप है कि बैंक प्रबंधक लोन स्वीकृत कराने और सरकारी सब्सिडी का लाभ दिलाने के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग कर रहे थे। एक फर्नीचर कारोबारी ने तो यहां तक आरोप लगाया कि बैंक में कराए गए कार्यों के भुगतान के लिए भी उनसे रुपये मांगे गए, जबकि दो लाख के करीब के बिल का केवल एक लाख रुपये का ही भुगतान हुआ था और बाकी के लिए उन्हें चक्कर लगवाए जा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राहकों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बैंक के मंडल कार्यालय तक शिकायतें पहुंचाईं। इन शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई। मुख्य प्रबंधक ने मौके पर पहुंचकर हकीकत जांची और ग्राहकों के प्रार्थना पत्रों का संज्ञान लेकर छानबीन की।
जांच के बाद, शाखा प्रबंधक आदित्य कुमार दुबे को इटावा की एक ब्रांच में स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि, प्रबंधक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बुनियाद और गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी घेरेबंदी कर रहे थे, जिस वजह से उन्होंने स्वयं स्थानांतरण की मांग की थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोन के लिए आवेदनों का सत्यापन पूरा होने से पहले ही उन पर आरोप लगने लगे थे।
सतेश्वर मुहल्ला निवासी प्रबंधक आदित्य कुमार दुबे पर मुहल्ला गुमटी मोहाल निवासी साक्षी गुप्ता, अंजली, खानपुर के मुहम्मद परवेज, भीकमपुर दयालपुर के रामबाबू समेत अन्य कुछ लोगों ने आरोप लगाए हैं। ग्राहकों का कहना था कि आदित्य कुमार अपनी कुर्सी का फायदा उठा रहे थे और लोन के नाम पर रुपये मांगे जाते थे। परवेज का आरोप है कि लोन के लिए आवेदन करने पर उनसे भी रुपये मांगे गए थे।
प्रबंधक आदित्य कुमार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि परवेज नाम के ग्राहक ने लोन के लिए आवेदन किया था, जिसकी फाइल की जांच अभी जारी है। इससे पहले ही 75 हजार रुपये लेने का आरोप लगा दिया गया। इसके बाद उनके खिलाफ एक तरह की घेरेबंदी शुरू कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि विभाग की जांच में उन्होंने सारे प्रमाण प्रस्तुत कर दिए हैं और खुद से ही किसी दूसरी ब्रांच में स्थानांतरण की मांग की थी। फिलहाल, बैंक की साख को बनाए रखने के उद्देश्य से यह स्थानांतरण किया गया है।
