भोपाल में पेड़ काटने पर जेल, निगमायुक्त के सख्त तेवर, अधिकारी निलंबित
भोपाल शहर में अब पेड़-पौधों की कटाई-छटाई को लेकर नगर निगम सख्त हो गया है। निगमायुक्त संस्कृति जैन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना अनुमति के किसी भी पेड़ को काटा या छांटा नहीं जा सकता। यदि किसी को पेड़ काटने की आवश्यकता है, तो उसे नगर निगम आयुक्त से पूर्व अनुमति लेनी होगी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में, निगमायुक्त ने पेड़ अधिकारी की पूर्व में प्राप्त शक्तियों को भी निरस्त कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी पेड़ को मनमाने ढंग से न काटा जाए।
इस संबंध में निगमायुक्त ने समय सीमा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेड़ों की कटाई-छटाई करता है, तो उसके खिलाफ न केवल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उसे जेल भी भेजा जा सकता है। उन्होंने शहर में हरियाली को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
इसके अतिरिक्त, बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। सड़क निर्माण में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। जोन 18 के वार्ड 83 में सीएम इंफ्रा के तहत निर्मित सड़क की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर प्रभारी सहायक यंत्री मनीष सिंह और उपयंत्री हर्षदीप सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कार्यपालन यंत्री कोलार एसके राजेश को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निगमायुक्त ने सीएम इंफ्रा के तहत निर्माणाधीन सड़कों की कोर कटिंग कर गुणवत्ता जांच कराने के भी निर्देश अधीक्षण यंत्री को दिए हैं।
निगमायुक्त ने यांत्रिक विभाग के कार्यों पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब तक कार्यों में सुधार नहीं होता, तब तक नवंबर महीने का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में अपर आयुक्त वरूण अवस्थी, गुणवंत सेवतकर, उपायुक्त दिनेश सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इन सख्त निर्देशों से यह साफ है कि शहर में विकास कार्यों की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
