भिवानी में पराली जलाने पर दो किसान फंसे, प्रशासन की कार्रवाई तेज
भिवानी जिले के बवानीखेड़ा क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में दो किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, कृषि विकास अधिकारी बिशन सिंह ने अलखपुरा गांव के रमेशचंद और होशियार सिंह नामक किसानों पर अपने खेतों में पराली जलाने का आरोप लगाते हुए थाना बवानीखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर, थाना बवानीखेड़ा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और पर्यावरण को दूषित करने से संबंधित धाराओं के तहत दोनों किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मौके पर पहुंची टीम ने निरीक्षण किया और खेतों की तस्वीरें भी लीं, जिन्हें रिपोर्ट के साथ संलग्न किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि यह उप-मंडल मजिस्ट्रेट (डीसी) भिवानी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी सीधा उल्लंघन है। इस कृत्य से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका सीधा असर जन स्वास्थ्य पर पड़ता है।
प्रशासन ने क्षेत्र के सभी किसानों से अपील की है कि वे पराली को आग न लगाएं और सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो दोषियों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कानूनी दंड और आर्थिक जुर्माना शामिल हो सकता है। इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना है।
