भीखनपुर अंडरपास डिजाइन में बड़ा बदलाव: ऊंचाई-चौड़ाई बढ़ी, स्थानीय विरोध का असर
भागलपुर के भीखनपुर क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरपास परियोजना में बड़ा बदलाव किया गया है। स्थानीय लोगों की प्रबल आपत्ति और विरोध प्रदर्शनों के बाद, रेलवे ने गुमटी नंबर एक के पास बन रहे अंडरपास की डिजाइन को संशोधित करने का फैसला किया है। नई डिजाइन के तहत, अंडरपास की ऊंचाई 2.5 मीटर से बढ़ाकर 4.2 मीटर और चौड़ाई ढाई मीटर से छह मीटर कर दी जाएगी, जिससे वाहनों का आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
यह महत्वपूर्ण निर्णय स्थानीय निवासियों के लगातार विरोध के बाद आया है, जिन्होंने मौजूदा डिजाइन को अव्यावहारिक बताते हुए तीन महीने पहले काम रुकवा दिया था। उनकी मुख्य चिंता यह थी कि कम ऊंचाई और चौड़ाई के कारण आपातकालीन वाहनों जैसे अग्निशमन गाड़ियों और एंबुलेंस को आवागमन में गंभीर समस्या हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने इस मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन किए और रेलवे अधिकारियों का घेराव भी किया था।
स्थानीय सांसद अजय मंडल ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए रेलवे मंत्रालय से संपर्क साधा। मालदा डीआरएम के साथ बैठक के बाद, रेलवे की एक टीम ने निर्माण स्थल का दौरा कर स्थानीय लोगों से बात की। टीम की रिपोर्ट और फीडबैक के आधार पर, रेलवे ने डिजाइन में बदलाव को मंजूरी दी। इसके साथ ही, परियोजना की लागत में भी वृद्धि की गई है, जो पहले 10 करोड़ रुपये थी, उसे बढ़ाकर अब 13.34 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, भीखनपुर गुमटी नंबर दो के पास अंडरपास के बजाय एक डायवर्जन रोड का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क रेलवे की जमीन पर बनेगी और त्रिमूर्ति चौक के पास मुख्य सड़क से जोड़ी जाएगी। इस निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाए जाने की भी योजना है।
यह परियोजना मूल रूप से भोलानाथ रेलवे पुल से भीखनपुर गुमटी नंबर दो के बीच प्रस्तावित शंटिंग यार्ड के विस्तारीकरण से जुड़ी थी। यार्ड के विस्तार के बाद रेलवे अपनी जमीन की घेराबंदी करने वाला था, जिसके कारण गुमटी नंबर एक पर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, शुरुआती डिजाइन में ऊंचाई और चौड़ाई की कमी ने स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया था।
रेलवे के इस निर्णय से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। एडीआरएम, मालदा शिव कुमार प्रसाद ने पुष्टि की है कि नई डिजाइन पर काम होने पर कुल 13.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह बदलाव सुनिश्चित करेगा कि अंडरपास न केवल यातायात की जरूरतों को पूरा करे, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी प्रभावी साबित हो।
