पुखरायां में Bhagwat Katha: सुनीति की अनदेखी से भटकता है मानव – साध्वी विशाखा
पुखरायां के सहाबापुर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में साध्वी विशाखा ने कहा कि मानव जीवन में सही मार्गदर्शन (सुनीति) का महत्व सर्वोपरि है। यदि व्यक्ति सुनीति की अनदेखी करता है, तो वह धर्म के मार्ग से भटक जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति ही जीव को मोक्ष और इच्छित फल की ओर ले जाती है।
कथावाचिका साध्वी विशाखा ने रविवार को ध्रुव प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि बालक ध्रुव को उनकी मां सुनीति ने ही सही मार्ग दिखाया था। जब राजा उत्तानपाद ने अपनी दूसरी पत्नी सुरुचि के कहने पर ध्रुव का तिरस्कार किया, तब सुनीति ने ही बालक को भगवान की शरण में जाने की प्रेरणा दी। इसी मार्गदर्शन पर चलकर ध्रुव ने भगवान की कृपा प्राप्त की और परमपद को पाया।
इसके बाद साध्वी ने प्रहलाद चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो भक्त सच्चे समर्पण भाव से ईश्वर की भक्ति करता है, भगवान हर समय उसकी रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कथा के माध्यम से महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने पुत्रों को सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें। इस दौरान कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
