भागलपुर जिला परिषद अध्यक्ष मिथुन कुमार का इस्तीफा: विधायक बनने के बाद छोड़ा पद
भागलपुर जिला परिषद के अध्यक्ष मिथुन कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र जिलाधिकारी को सौंपा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए यह पत्र जिला पंचायती राज पदाधिकारी को भेज दिया गया है। मिथुन कुमार ने यह निर्णय 2025 में नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बाद लिया है।
निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरांत, मिथुन कुमार ने 27 नवंबर को जिला परिषद सदस्य व अध्यक्ष पद से त्यागपत्र समर्पित किया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में उल्लेख किया है कि वे भागलपुर जिला अंतर्गत जिला परिषद क्षेत्र संख्या 15-नाथनगर दक्षिण क्षेत्र के सदस्य व वर्तमान अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए थे। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 में 158-नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी के रूप में भाग लेने और विजयी होने के पश्चात, उन्होंने अपने वर्तमान पद से मुक्त होने का निर्णय लिया।
दूसरी ओर, विरोधी गुट के 20 पार्षदों ने उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से मिलकर मिथुन कुमार के कार्यकाल के दौरान विभिन्न योजनाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने अध्यक्ष पद से तत्काल इस्तीफा न देने पर विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होने की बात कही। ज्ञापन में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-2026 तक प्राप्त पंचम, षष्टम एवं 15वीं राज्य वित्त आयोग की राशि के व्यय, आंतरिक संसाधन से प्राप्त राशि, कंटीजेंसी से आई राशि और पंचम राज्य वित्त आयोग की लंबित राशि के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने क्षेत्र में अधिक टेंडर कराए हैं और नियमों का उल्लंघन कर असमान राशि का वितरण किया है। इसके अतिरिक्त, दो वर्ष के कार्यकाल में मात्र दो बार सामान्य बोर्ड बैठक आयोजित करने को भी अनियमितता बताया गया है। विरोधी गुट ने अध्यक्ष द्वारा किए गए सभी टेंडरों की जांच और योजनाओं में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय संयुक्त समिति द्वारा गहन जांच कराने की मांग की है। उप विकास आयुक्त से मिलने वालों में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष अनंत कुमार सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे।
