बुर्का पहनाकर नेपाल ले जा रहा युवक रक्सौल सीमा पर SSB के हत्थे चढ़ा
पूर्वी चंपारण के रक्सौल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की मानव तस्करी रोधी इकाई ने कस्टम कार्यालय के समीप से एक युवक को बुर्का पहने एक 16 वर्षीय किशोरी और एक किशोर के साथ पकड़ा है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पश्चिम चंपारण निवासी मोहम्मद अजमुल्लाह अली नामक युवक ने हिंदू किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसाया था।
आरोपित युवक ने किशोरी को शादी और नौकरी का झांसा देकर 13 नवंबर को बेतिया स्थित उसके घर से भगाया था और गुरुग्राम (हरियाणा) ले गया था। वहां उसने किशोरी पर शादी का दबाव बनाते हुए उसका शारीरिक शोषण किया। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने बताया कि युवक उसे जबरन इस्लाम धर्म अपनाने और उसके तौर-तरीके सीखने के लिए मजबूर कर रहा था। यही नहीं, युवक ने उसे बुर्का पहनाकर नेपाल ले जाने की साजिश रची थी, ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके।
इधर, लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट स्थानीय थाने में दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच शुरू हुई, तो पता चला कि आरोपित हरियाणा से नेपाल भागने की फिराक में था। इसी दौरान एसएसबी ने उसे रक्सौल सीमा के पास दबोच लिया। सूत्रों के अनुसार, आरोपित युवक पहले दुबई में काम कर चुका है और धन का प्रलोभन देकर किशोरी के मतांतरण की योजना बना रहा था।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के इंस्पेक्टर विकास कुमार, खेमराज, विभा कुमारी, लाभा पीके इंद्रा, सदर मोनिका के साथ-साथ प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता और कई स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य शामिल थे। इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों को प्रेमजाल में फंसाकर मतांतरण और मानव तस्करी के गंभीर मुद्दे को उजागर किया है।
