बस्ती सेक्स रैकेट: डॉक्टर को मिली जमानत, सबूतों की कमी बनी वजह
बस्ती में एक हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट मामले में गिरफ्तार किए गए पशु चिकित्सक डॉ. सत्यप्रकाश यादव को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट न्यायाधीश विनोद कुमार सप्तम की अदालत से जमानत मिल गई है। यह राहत पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों की कमजोरी के चलते मिली है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामकृपाल चौधरी ने अदालत में जमानत याचिका दायर करते हुए दलील दी कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य कमजोर और केवल परिस्थितिजन्य हैं। उन्होंने तर्क दिया कि ये साक्ष्य उनके मुवक्किल को सेक्स रैकेट में सीधे तौर पर शामिल साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। बचाव पक्ष का कहना था कि पुलिस ने गिरफ्तारी तो कर ली, लेकिन ठोस कानूनी कार्रवाई और पुख्ता साक्ष्य जुटाने में ढिलाई बरती।
अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों और प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों की अपर्याप्तता पर विचार करते हुए जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। अदालत ने डॉ. सत्यप्रकाश यादव को 50 हजार रुपये के निजी बंधपत्र और दो जमानती पेश करने के बाद रिहा करने का आदेश दिया है।
यह मामला हर्रैया थाना क्षेत्र के जीसी होटल में सेक्स रैकेट से जुड़ा है। तीन नवंबर 2025 को पुलिस ने एक गोपनीय सूचना के आधार पर होटल जीसी पैलेश में छापा मारा था। पुलिस का दावा था कि यह होटल लंबे समय से देह व्यापार के अड्डे के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। इस छापे के दौरान पुलिस ने डॉ. सत्यप्रकाश यादव सहित ग्राम प्रधान हरिशचद्र वर्मा, संजय कुमार मौर्या, मनोज कुमार, प्रदीप यादव और आशीष मौर्या को गिरफ्तार किया था। इन सभी के खिलाफ देह व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
