बरेली की नदियां बनीं नाला, Ramganga river pollution से मछलियां मरीं
स्मार्ट सिटी बरेली की पहचान रही रामगंगा, किला और नकटिया नदियां आज नालों में तब्दील हो चुकी हैं। इन नदियों का पानी इतना दूषित हो चुका है कि आचमन करना तो दूर, अब इसमें नहाना भी संभव नहीं है। शहर के सीवेज और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक कचरे ने इन नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। हाल ही में रामगंगा नदी में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने की घटना ने Bareilly pollution news को सुर्खियों में ला दिया है।
कभी महाभारत काल से जुड़ी किला नदी और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की गवाह रही नकटिया नदी, जो कभी सिंचाई का मुख्य साधन थीं, अब अतिक्रमण और गंदगी से भरी पड़ी हैं। तीन दशक पहले तक इन नदियों का पानी स्वच्छ था, जिसमें लोग स्नान करते थे और वनस्पति शास्त्री शोध करते थे। लेकिन अब इन नदियों का पानी काला पड़ चुका है और हानिकारक बैक्टीरिया पनप चुके हैं, जिससे जलीय जीव-जंतु खत्म हो गए हैं।
रामगंगा नदी, जो जिले की मुख्य नदी है और स्नान पर्वों पर हजारों लोगों को आकर्षित करती है, गर्मी और सर्दी के मौसम में अत्यधिक प्रदूषित हो जाती है। तेज बहाव न होने के कारण नालों का दूषित पानी इसमें जमा हो जाता है। इन नदियों को संरक्षित करने के लिए जिला स्तर पर नदी संरक्षण समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ सदस्यों के शामिल होने के बावजूद, धरातल पर कोई ठोस सुधारात्मक कार्य दिखाई नहीं दे रहा है।
