ब्रिटेन का वीजा धोखाधड़ी के खिलाफ जागरूकता अभियान अब तमिलनाडु में
ब्रिटेन ने वीजा धोखाधड़ी के खिलाफ अपने जागरूकता अभियान का दायरा बढ़ाते हुए इसे अब तमिलनाडु तक पहुंचा दिया है। इस महत्वपूर्ण पहल का लक्ष्य उन छात्रों और आम नागरिकों को धोखेबाजों से सुरक्षित रखना है जो वीजा दिलाने का झांसा देकर आर्थिक ठगी करते हैं। ब्रिटिश उच्चायोग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने का आग्रह किया है। विशेष रूप से, तमिलनाडु के छात्रों को शिक्षा वीजा के नाम पर ठगने वाले एजेंटों से बेहद सावधान रहने की सलाह दी गई है।
यह अभियान, जिसका उद्देश्य वीजा धोखाधड़ी को उसके स्रोत पर ही रोकना है, ब्रिटिश विदेश मंत्री सीमा मल्होत्रा की भारत यात्रा के दौरान शुक्रवार को तमिलनाडु में शुरू किया गया। विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के अनुसार, इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य फर्जी वीजा पर ब्रिटेन की यात्रा करने वाले भारतीयों की संख्या को कम करना है। दोनों देश यात्रियों को धोखाधड़ी से बचाने और अवैध प्रवासन की समस्या से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे।
ब्रिटेन की हिंद-प्रशांत मामलों की प्रभारी मंत्री मल्होत्रा ने चेन्नई में इस अभियान की शुरुआत की। यह कदम पंजाब में पहले से चल रहे एक सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद उठाया गया है। मंत्री मल्होत्रा ने इस अवसर पर कहा, “यह सरकार अवैध प्रवासन के प्रवाह को उसके स्रोत पर ही रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, हम वीजा धोखाधड़ी को रोकने के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लक्षित अभियानों का उपयोग करके लोगों को सुरक्षित रखते हुए सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।”
एफसीडीओ ने बताया कि इस विस्तारित धोखाधड़ी-रोधी अभियान में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों को वीजा घोटालों की पहचान करने और धोखेबाज एजेंटों से सावधान रहने में मदद करने के लिए एक तमिल भाषा का व्हाट्सएप चैटबॉट भी लॉन्च किया जाएगा। यह कदम उन घटनाओं को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है जहाँ इंग्लैंड भेजने के नाम पर युवकों से लाखों की ठगी की खबरें सामने आई हैं, जैसा कि हाल ही में कुरुक्षेत्र जैसे शहरों में देखने को मिला।
