ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत दुनिया देखेगी, भारत जल्द करेगा सप्लाई
भारत अपनी स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की ताकत को दुनिया के सामने लाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, भारत जल्द ही लगभग 450 मिलियन डॉलर के एक बड़े रक्षा समझौते को अंतिम रूप देने वाला है, जिसके तहत ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति की जाएगी। इस सौदे के फाइनल होने की उम्मीद है और यह भारत के रक्षा निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
हाल ही में मई में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान, पाकिस्तान के एक एयर बेस पर इसी ब्रह्मोस मिसाइल से किए गए हमले ने दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस सफल प्रदर्शन का मित्र देशों पर गहरा प्रभाव पड़ा है और वे मिसाइल की क्षमताओं से काफी प्रभावित हुए हैं। रक्षा सूत्रों के अनुसार, “इन डील्स पर जल्द ही साइन होने की उम्मीद है और ये अभी फाइनल स्टेज में हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया भर के कई अन्य देश भी इन मिसाइलों में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे भविष्य में और भी समझौतों की उम्मीद जगी है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी एयर बेस पर ब्रह्मोस की सटीक निशानेबाजी ने कई महत्वपूर्ण ठिकानों को दिनों तक बेकार कर दिया था, जिसने मिसाइल की मारक क्षमता को साबित किया। भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से निर्मित इस अत्याधुनिक मिसाइल को हाल ही में दुबई एयर शो में भी प्रदर्शित किया गया था, जिसने संभावित खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया।
रक्षा मंत्रालय ने घरेलू स्तर पर भी ब्रह्मोस की उपलब्धता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में, नौसेना और वायुसेना के लिए ब्रह्मोस मिसाइलों के बड़े ऑर्डर को मंजूरी दी गई है। नौसेना अपनी वीर-क्लास जंगी जहाजों पर इन मिसाइलों को तैनात करने की योजना बना रही है, जबकि वायुसेना इन्हें अपने रूसी Su-30 MKI फाइटर जेट्स के साथ एकीकृत करेगी। यह कदम भारतीय सशस्त्र बलों की मारक क्षमता को और बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल के दिनों में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि हाल के सैन्य अभियानों ने भारत के एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म, मिसाइल और ड्रोन की ताकत का प्रदर्शन किया है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है। यह निर्यात सौदा न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
