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बाराबंकी: जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुधार के बावजूद टूटी खिड़कियां और पार्किंग की समस्या, Barabanki news

By Feb 23, 2026

बाराबंकी। शहर के जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में हाल के दिनों में सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है, जिससे मरीजों को रक्त उपलब्धता में आसानी हुई है। रक्त संग्रहण, जांच और स्टोरेज की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। हालांकि, इन सकारात्मक बदलावों के बावजूद ब्लड बैंक भवन की बुनियादी अव्यवस्थाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। टूटी खिड़कियां, परिसर में गंदगी और अव्यवस्थित पार्किंग जैसी समस्याएं Barabanki news में लगातार सामने आ रही हैं, जो स्वास्थ्य मानकों और सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं। यह स्थिति आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन रही है।

ब्लड बैंक भवन की बदहाली: टूटी खिड़कियां और गंदगी
ब्लड बैंक की कई खिड़कियां लंबे समय से टूटी पड़ी हैं, जिससे धूल, मिट्टी और ठंडी हवा सीधे अंदर आती है। यह न केवल भवन की सुरक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि अंदर रखे रक्त और उपकरणों की स्वच्छता के लिए भी खतरा है। मरीजों के परिजन बताते हैं कि मरम्मत के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा, भवन के आसपास सूखी झाड़ियाँ और पत्तों का ढेर लगा रहता है, जिससे परिसर में गंदगी का माहौल बना रहता है। गर्मी में आग लगने का खतरा और बरसात में मच्छरों का अड्डा बनने की आशंका भी बनी रहती है।

अव्यवस्थित पार्किंग से बढ़ती परेशानी
ब्लड बैंक के बाहर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बेतरतीब पार्किंग भी एक बड़ी समस्या है। बिना किसी निर्धारित व्यवस्था के वाहन सीधे भवन के सामने खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आने-जाने का रास्ता संकरा हो जाता है। पीने के पानी की टोटी तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या स्ट्रेचर के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। रक्तदान करने आए युवाओं और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से ब्लड बैंक के आसपास ‘नो-पार्किंग जोन’ घोषित करने और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की है।

रक्तदान शिविरों से मिल रही मदद
एक ओर जहां ब्लड बैंक की आंतरिक व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर जिले में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए लगातार रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इन शिविरों में युवाओं और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। इन प्रयासों से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है, लेकिन ब्लड बैंक के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

आगे की राह
लोगों का कहना है कि यदि इन बुनियादी समस्याओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की छवि को प्रभावित करेगा, बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन कब तक इन महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करता है और ब्लड बैंक को पूरी तरह से सुरक्षित व स्वच्छ बनाता है।

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