बैंक मित्र का धोखा: पति की मौत के बाद आए रुपये भी उड़ाए, 8 लाख की एफडी फर्जी
मोहन रोड पर शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में ग्राहकों का गुस्सा बुधवार को भी देखने को मिला, जिसके चलते बैंक के कामकाज ठप रहा। ग्राहकों ने बैंक मित्र पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। नरौना निवासी अंशू ने बताया कि 25 फरवरी 2024 को उनके पति की दुर्घटना में मौत के बाद खाते में आए तीन लाख रुपये भी बैंक मित्र ने कर्मचारियों की मिलीभगत से निकाल लिए। हंसखेड़ा की गुड़िया को आठ लाख रुपये की फर्जी एफडी थमाई गई और बचत खाते से 84 हजार रुपये भी निकाल लिए गए।
इस धोखाधड़ी से आक्रोशित ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस को भी ग्राहकों के विरोध का सामना करना पड़ा। मंगलवार को इस मामले के चलते बैंक प्रबंधक को हटा दिया गया था। आलमनगर की सोनी गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 50 हजार और दो साल पहले दो लाख की एफडी कराई थी, जो अब फर्जी बताई जा रही है। मोहान रोड निवासी इरशाद अली की एक-एक लाख की दो एफडी भी फर्जी निकलीं।
लखीमपुर निवासी दिव्यांग संजीव कुमार ने बताया कि बैंक मित्र शिवा राव ने खाते में जमा करने के लिए दिए गए आठ हजार रुपये जमा ही नहीं किए। बुद्धेश्वर निवासी रक्षाराम वर्मा के छह लाख 40 हजार रुपये बचत खाते से निकल गए और 10 लाख की एफडी भी फर्जी निकली। कई अन्य ग्राहकों ने भी एफडी के फर्जी होने और पैसे निकाले जाने की शिकायत की है।
सलेमपुर पतौरा की वृद्धा श्यामा ने आरोप लगाया कि बैंक मित्र ने बैंक अफसरों की मिलीभगत से उनकी जीवन भर की पूंजी उड़ा दी। दिसंबर में 12 लाख रुपये निकालने आई तो बैंक मित्र ने तकनीकी खराबी बताकर पासबुक ले ली और बाद में 40 हजार रुपये देकर कहा कि बैंक में रुपये नहीं हैं। जांच में पता चला कि 11.60 लाख रुपये निकल गए थे।
इंस्पेक्टर पारा सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 43 पीड़ित बैंक मित्र शिवा राव और उसके साथी दिलीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं, जिन्हें जेल भेजा जा चुका है। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
