बांग्लादेश: 17 साल बाद लौटे Tarique Rahman, माँ Khaleda Zia की सीट से लड़ेंगे चुनाव
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद ढाका लौट आए हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने आगामी आम चुनावों में दो सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों के लिए नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
तारिक रहमान का यह कदम बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनकी वापसी ऐसे समय में हुई है जब देश की राजनीतिक स्थिति अस्थिर है और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद अवामी लीग के कई नेता कानूनी शिकंजे में हैं।
खालिदा जिया का गढ़: बोगरा-6
बोगरा-6 सीट को एक समय पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का गढ़ माना जाता था। हालांकि, 2023 के उपचुनावों में यह सीट अवामी लीग के रागेबुल अहसन रिपु ने जीत ली थी। लेकिन शेख हसीना सरकार के गिरने के छह महीने के भीतर ही रिपु को बांग्लादेश की आतंकवाद विरोधी एजेंसी रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने गिरफ्तार कर लिया। रिपु पर हत्या सहित 13 मामलों का आरोप है। जेल में रहते हुए रिपु को दिल का दौरा भी पड़ा था।
ढाका-17 सीट का महत्व
ढाका-17 सीट भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह सीट पहले अवामी लीग के वरिष्ठ नेता मोहम्मद ए. अराफात के पास थी, जो शेख हसीना की सरकार में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री थे। अराफात बीएनपी-जमात गठबंधन के मुखर आलोचक थे। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अराफात ने न केवल अपनी संसदीय सीट खो दी, बल्कि उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज किए गए। बांग्लादेश फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने अगस्त 2024 में अराफात और उनकी पत्नी के बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया था।
