बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर TMC का विरोध, चुनाव आयोग से की मुलाकात
मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय में पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सांसदों ने विशेष रूप से यह सवाल उठाया कि यदि SIR का उद्देश्य नकली मतदाताओं और घुसपैठियों की पहचान करना है, तो यह प्रक्रिया केवल पश्चिम बंगाल तक ही सीमित क्यों है, जबकि मेघालय और त्रिपुरा जैसे अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी ऐसी आवश्यकता है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने TMC सांसदों की चिंताओं को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया देश के सभी राज्यों में लागू की जाएगी और जो राज्य बचे हैं, वहां भी जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग से मुलाकात करने वाले TMC सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी राय और महुआ मोइत्रा जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के समक्ष अपनी बात रखी। राज्यसभा में TMC के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि वे SIR की संवैधानिक वैधता पर प्रश्न नहीं उठा रहे हैं, बल्कि इसे लागू करने की जल्दबाजी और इसके तरीके पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में न तो उचित योजना दिखाई दे रही है और न ही कर्मचारियों के प्रति कोई संवेदनशीलता।
TMC सांसदों ने SIR के लिए और अधिक समय बढ़ाने की मांग की। आयोग से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डेरेक ओ’ब्रायन ने बताया कि उन्होंने पांच बिंदुओं का एक ज्ञापन सौंपा और लगभग 40 मिनट तक अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने लगभग एक घंटे तक अपनी बात रखी, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए पांच मुख्य सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके अतिरिक्त, TMC सांसदों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य से जुड़े बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और आम नागरिकों की मौतों का मुद्दा भी उठाया। इस पर चुनाव आयोग ने बीएलओ की मौतों की जांच कराने का आश्वासन दिया। आयोग ने इन घटनाओं को आश्चर्यजनक बताते हुए कहा कि यह तब सामने आ रही हैं जब SIR का काम लगभग पूरा हो चुका है। आयोग ने यह भी दावा किया कि लगभग 74 प्रतिशत गणना फार्म भरकर जमा कराए जा चुके हैं।
गौरतलब है कि TMC सांसदों का यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा अधिकृत पत्र लेकर चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा था। आयोग ने सांसदों द्वारा मांगी गई मुलाकात के लिए पहले 28 नवंबर की तारीख दी थी, लेकिन पार्टी नेता के आधिकारिक पत्र के बाद ही उन्होंने मिलने की बात कही थी।
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