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बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा पर गरमाई सियासत, भाजपा ने ममता सरकार को घेरा

By Nov 27, 2025

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा वाले पोस्टर सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। भाजपा ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा है।

सूत्रों के अनुसार, यह पोस्टर तृणमूल विधायक की उस घोषणा के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि आगामी छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखी जाएगी। विधायक कबीर ने पहले भी इस संबंध में घोषणा की थी।

पोस्टर सामने आने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस राज्य को अस्थिरता की ओर धकेल रही है। भट्टाचार्य ने कहा, ‘पूरा देश देख रहा है कि ममता बनर्जी ने कैसे बंगाल को टूटने के कगार पर ला दिया है।’ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भारत में बाबरी मस्जिद को फिर से बनाने का सुझाव देने की हिम्मत करता है, तो देश चुप नहीं बैठेगा और इसके खिलाफ उठ खड़ा होगा।

मालूम हो कि मुर्शिदाबाद के भरतपुर से तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने हाल ही में घोषणा की थी कि छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद के शिलान्यास समारोह में देशभर से कई मुस्लिम धर्मगुरु और समुदाय के नेता शामिल होंगे। उन्होंने यह भी बताया था कि मस्जिद के निर्माण में लगभग तीन साल लगेंगे।

बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को देखते हुए, विधायक कबीर की इस घोषणा ने तुरंत राजनीतिक और सामाजिक तनाव को फिर से हवा दे दी। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने विधायक कबीर की इस सार्वजनिक घोषणा से खुद को तुरंत अलग कर लिया।

पार्टी के एक अन्य विधायक निर्मल घोष ने स्पष्ट किया कि कबीर की यह घोषणा उनकी निजी है और पार्टी ने इसका समर्थन नहीं किया है। घोष ने कहा कि कबीर के भाषणों व घोषणाओं से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इसे कबीर का निजी विचार बताया और कहा कि पार्टी उनसे सहमत नहीं है, साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने हद पार कर दी है।

वहीं, भाजपा ने इस घोषणा को तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ते हुए तृणमूल कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। विशेष रूप से, बेलडांगा में मस्जिद के निर्माण का कार्यक्रम उसी दिन तय किया गया है जिस दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी अयोध्या में 1992 में विवादित ढांचा गिराए जाने की बरसीं पर कोलकाता में एक रैली को संबोधित करने वाले हैं। इस संयोग ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी है।

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