400 रुपये से शुरू हुई बनास डेयरी, अब 24 हजार करोड़ का कारोबार; अमित शाह ने बताया सहकारिता का सफल मॉडल
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एशिया की सबसे बड़ी बनास डेयरी को सहकारिता का सफल मॉडल बताते हुए कहा कि यह डेयरी 400 रुपये से शुरू होकर 24 हजार करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंची है। यह सफलता किसानों और पशुपालकों की मेहनत का परिणाम है।
शाह ने विश्वास जताया कि आगामी पांच वर्षों में पशुपालकों की आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। उन्होंने शनिवार को बनास डेयरी के अध्यक्ष एवं गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी के साथ कई कार्यक्रमों में शिरकत की और बनास डेयरी की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बनास डेयरी का सहकारिता मॉडल देश-विदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।
शाह ने स्वर्गीय गलबाभाई के सपने को पूरा करने के लिए बनास के लोगों की सराहना की, जिन्होंने 1986 में केवल आठ गांवों से दूध संग्रहण की शुरुआत की थी। महज 400 रुपये से शुरू हुई यह यात्रा 24 हजार करोड़ के व्यापार तक पहुंची है। उन्होंने श्वेतक्रांति 2.0 को सफल बनाने और 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
शाह ने वाव-थराद जिले के सणादर डेयरी में बनास रेडियो स्टेशन, पोटैटो प्लांट और आइसक्रीम प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने संसदीय सलाहकार समिति के सदस्यों और बनास डेयरी के निदेशक मंडल के साथ सहकारिता पर चर्चा की। गौरतलब है कि जनवरी 2026 में देश की 250 से अधिक डेयरी के चेयरमैन और एमडी बनास मॉडल को देखने बनासकांठा आएंगे।
आगथला में बनास डेयरी और सुजुकी इंडिया ने मिलकर 58.67 करोड़ रुपये की लागत से बायो सीएनजी प्लांट स्थापित किया है। यह प्लांट गोबर से सीएनजी बनाता है। इस प्लांट के लिए एक रुपये प्रति किलो की दर से पशुपालकों से गोबर खरीदा जाता है। प्रतिदिन एक लाख किलो गोबर प्रोसेस किया जाता है।
