बलिया में एक लाख किसानों को नहीं मिली किसान सम्मान निधि, अपात्रों से हो रही वसूली
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 21वीं किस्त देशभर के नौ करोड़ किसानों के खातों में भेजी गई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक लाख से अधिक किसानों को यह राशि प्राप्त नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, यह समस्या अपात्र लाभार्थियों को गलती से भुगतान जारी किए जाने के कारण उत्पन्न हुई है, जिनसे अब कृषि विभाग द्वारा धन की वसूली की जा रही है। इस गंभीर मामले को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
बलिया जनपद से 3.40 लाख किसानों का डेटा सत्यापित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था, जबकि पहले से पंजीकृत किसानों की संख्या 4.50 लाख थी। जिन किसानों का डेटा पूरी तरह से सत्यापित था, उनके खातों में 2000 रुपये की किस्त पहुंच गई है। हालांकि, कुछ मामूली कारणों से जिन किसानों की किस्तें रोकी गई हैं, वे अब कृषि विभाग और तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
पूर्व में, यह भी सामने आया था कि करीब 5656 आयकरदाता भी किसान सम्मान निधि की सूची में शामिल हो गए थे और उन्होंने कई किस्तों में लगभग 4.29 करोड़ रुपये प्राप्त कर लिए थे। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान इस गड़बड़ी का पता चलने के बाद, अब इन आयकरदाताओं से वसूली की कार्रवाई धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। अब तक केवल 800 आयकरदाताओं ने 62.28 लाख रुपये ही वापस किए हैं, जबकि शेष राशि की वसूली के प्रयास जारी हैं।
नवानगर क्षेत्र में भी कई किसानों के खातों में 21वीं किस्त नहीं पहुंची है। विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि जिन किसानों ने 2019 के बाद जमीन खरीदी है, उनका भुगतान रोक दिया गया है। कई किसान पोर्टल पर ‘पेमेंट होल्ड’ का संदेश देखकर हताश हैं। कुछ किसान पोर्टल पर भू-अंकन नहीं करा पाए हैं, जबकि कुछ ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की है।
सहायक विकास अधिकारी कृषि, नवानगर ने स्पष्ट किया है कि अब इस योजना का लाभ एक परिवार में केवल एक सदस्य को ही मिलेगा। जिन परिवारों में पहले दो सदस्यों को किस्त मिलती थी, उनका भुगतान भी रोका जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पोर्टल पर अपनी स्थिति अपडेट देखें और यदि कोई कमी है तो उसे तुरंत सुधारें ताकि भविष्य में किस्तों के भुगतान में बाधा न आए।
