बक्सर में शराबबंदी बेअसर, गांवों में ‘लालपरी’ का खुला कारोबार
बक्सर जिले में भले ही शराबबंदी कानून लागू हो, लेकिन गांवों में इसका असर न के बराबर दिख रहा है। ‘लालपरी’ के नाम से मशहूर अवैध शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के बिना शराब माफियाओं का यह दुस्साहस संभव नहीं है।
सिमरी प्रखंड के तीनों थानों की पुलिस इन दिनों शराब तस्करों को पकड़ने के बजाय केवल पियक्कड़ों को हिरासत में लेने में अधिक सक्रिय दिखाई दे रही है। पुलिस की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में गहरा असंतोष पनप रहा है। उनका कहना है कि इलाके में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है, लेकिन तस्करों के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं हो रही है जैसी होनी चाहिए। इसके विपरीत, पुलिस छोटे-मोटे मामलों में पियक्कड़ों को पकड़कर अपनी उपलब्धि बताती नजर आ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, सिमरी, तिलक राय के हाता और रामदास राय के डेरा थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में शराबबंदी लागू होने के बाद भी शराब की उपलब्धता किसी से छिपी नहीं है। कई जगहों पर तो शराब की बिक्री सामान्य वस्तुओं की तरह हो रही है। नियमित गश्ती और छापेमारी के बावजूद तस्करों का नेटवर्क जस का तस बना हुआ है, जो पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि पुलिस पियक्कड़ों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाना चाहती है, जबकि असली चुनौती शराब के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करना है। उनका मानना है कि जब तक तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शराबबंदी का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने तस्करों की गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन उनकी सूचना पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्र में बढ़ रही आलोचनाओं के बीच पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब शराब की बिक्री इतनी सहजता से हो रही है, तो पुलिस की कड़ी कार्रवाई आखिर तस्करों तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है?
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि पुलिस को पियक्कड़ों पर केवल औपचारिक कार्रवाई करने के बजाय, शराब के अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। तभी बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है और इसके उद्देश्य को सफल बनाया जा सकता है।
