बिना चुनाव लड़े मंत्री बने दीपक प्रकाश पर तेज प्रताप का तंज: ‘है न मोदी-नीतीश का जादू?’
बिहार की राजनीति में एक बार फिर तब हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को शामिल किया। दीपक प्रकाश के बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने के इस फैसले ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इसी बीच, जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया है।
तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से दीपक प्रकाश को ‘जादूगर’ बताते हुए इस नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “सासाराम में जमानत जब्त कराने वाले निर्दलीय प्रत्याशी रामनारायण पासवान के काउंटिंग एजेंट बने दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े नीतीश सरकार में मंत्री बन गए। है ना मोदी-नीतीश का जादू?” तेज प्रताप की इस पोस्ट पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं, जो इस मुद्दे पर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।
यह मामला इसलिए भी अधिक चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर मंत्री बनने के लिए व्यक्ति को चुनाव जीतना होता है या विधान परिषद का सदस्य (एमएलसी) होना आवश्यक होता है। दीपक प्रकाश ने न तो विधानसभा का चुनाव लड़ा है और न ही वे एमएलसी हैं। इसके बावजूद, 20 नवंबर को शपथ ग्रहण से ठीक पहले उनके मंत्री पद की शपथ लेने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में आश्चर्य पैदा कर दिया।
मामले की तह तक जाने पर यह बात सामने आई कि दीपक प्रकाश अपनी मां स्नेहलता कुशवाहा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रामायण पासवान के काउंटिंग एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। उनका परिचय पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और भी दिलचस्प बना दिया।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) को नीतीश कैबिनेट में एक सीट मिलने पर उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश का नाम आगे बढ़ाया, जबकि उनकी पत्नी स्नेहलता सहित चार विधायक उनके साथ थे। बेटे के मंत्री बनने के इस फैसले के बाद उपेंद्र कुशवाहा पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया जा रहा है। तेज प्रताप यादव ने इसी वायरल तस्वीर को आधार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है, और इसे ‘जादू’ की संज्ञा दी है।
