फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन रजिस्ट्री कराने के आरोपी एलडीए बाबू की जमानत अर्जी खारिज: Lucknow court rejects bail plea of LDA clerk accused of forging signatures for land registry
लखनऊ की एक अदालत ने एलडीए (LDA) के निलंबित अवर वर्ग सहायक पवन कुमार गौतम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। उन पर एलडीए अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर जाली दस्तावेज बनाने और जमीन की रजिस्ट्री कराने का गंभीर आरोप है। इस मामले में सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी पवन कुमार ने एक अक्टूबर 2021 को तत्कालीन प्रवर वर्ग सहायक अनिल कुमार मेहरोत्रा और अनुभाग अधिकारी अशोक कुमार के फर्जी हस्ताक्षर कर अलीगंज योजना के एक प्लॉट को राजीव भटनागर के नाम रजिस्ट्री कराया था।
जांच में यह भी सामने आया कि उक्त जमीन की रजिस्ट्री के एवज में एलडीए में कोई धनराशि जमा नहीं की गई थी। साथ ही, प्राधिकरण के रिकॉर्ड में इस जमीन के निबंधन संबंधी कोई विवरण दर्ज नहीं है और न ही रजिस्ट्री संबंधी कोई फाइल प्राधिकरण में मौजूद है। दोनों गवाहों ने अपने बयान में पुष्टि की है कि रजिस्ट्री पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इस कृत्य से प्राधिकरण की बहुमूल्य संपत्ति को हड़पने का प्रयास किया गया, जिसे अदालत ने धोखाधड़ी माना है।
इस धोखाधड़ी के मामले का सीधा असर आम जनता पर यह पड़ेगा कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर सवाल उठेंगे और ऐसे मामलों में आम नागरिकों का विश्वास कम हो सकता है।
