बिजली विभाग की लापरवाही: खेतों तक पोल-तार नहीं, किसानों को थमा दिया 20 हजार का बिल
आरा जिले के उदवंतनगर प्रखंड में बिजली विभाग की कार्यशैली किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। विभाग द्वारा खेतों तक बिजली के पोल और तार पहुंचाए बिना ही किसानों को अनाप-शनाप बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे वे सकते में हैं। ऐसे किसान, जिन्होंने अभी तक बिजली का उपयोग भी नहीं किया है, उन्हें भी हजारों रुपये के बिल थमा दिए गए हैं। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि कनेक्शन योजना का लाभ किसानों तक अभी तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे उनमें गहरी निराशा है।
जिले के उदवंतनगर सहित कई प्रखंडों से ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और सरकार की योजना के तहत उनके खेतों तक बिजली के खंभे और तार पहुंचाए जाने थे। लेकिन, आज तक न तो पोल पहुंचे हैं और न ही तार, बावजूद इसके विभाग हर महीने बिल जनरेट कर रहा है और सब्सिडी का भी हिसाब दिखा रहा है।
कोहड़ा गांव के किसानों ने इस समस्या को उजागर किया। किसान अजय ओझा ने बताया कि उनके बोरिंग तक बिजली का तार और पोल अभी तक नहीं पहुंचा है, और न ही उन्होंने बोरिंग चलाई है। इसके बावजूद, उन्हें 20 हजार रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया है। इसी गांव के सुनील ओझा ने बताया कि दो साल पहले उन्हें अचानक छह हजार का बिल मिला था। शिकायत करने पर भी विभाग ने सुनवाई नहीं की और बिल जमा करने का दबाव बनाया, जिससे उन्हें मजबूरन बिल का भुगतान करना पड़ा।
किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग और उसके पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण ही खेतों तक बिजली पहुंचाने का काम लटका हुआ है। इस कारण कई किसान असुरक्षित तरीके से टोका लगाकर बोरिंग चलाने को मजबूर हैं, जिससे अब तक सैकड़ों किसानों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद, विभाग खेतों तक तार पहुंचाने के बजाय किसानों का मजाक उड़ा रहा है।
हालांकि, असनी फीडर के जेई नागमणि ने स्वीकार किया है कि सभी आवेदनकर्ताओं तक पोल और तार नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से कनेक्शन स्वीकृत होता है, उसी दिन से बिल का भुगतान करना होता है। उन्होंने शिकायत मिलने पर जांच का आश्वासन दिया है।
