बिहार-झारखंड सीमा पर हाथियों के झुंड का आतंक, ग्रामीण भयभीत
बिहार और झारखंड की सीमावर्ती इलाकों में हाथियों के एक बड़े झुंड की मौजूदगी ने ग्रामीणों के बीच भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। गुरुवार की सुबह, जमुई जिले के देवरी प्रखंड के मंदनाडीह गांव में लगभग 22 हाथियों, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है, का झुंड पहुंचा। इस झुंड ने खेतों में खड़ी और खलिहानों में रखी फसलों को बुरी तरह रौंद डाला, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, हाथियों ने मुख्य रूप से अरहर, धान और आलू की फसलों को निशाना बनाया। कई किसानों के खलिहानों में रखे धान के बोझे भी हाथियों ने बिखेर दिए और खा लिए। इस घटना की सूचना मिलते ही भेलवाघाटी थाना पुलिस और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मंदनाडीह में सिमोन मुर्मू और रौशन मुर्मू की अरहर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं, झगरुडीह गांव में इस्लाम अंसारी और नसीरुद्दीन अंसारी की धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। अबुल कलाम के खलिहान में रखे धान को हाथियों ने खा लिया और उनके बगल के खेतों में लगी आलू की फसल को भी रौंद दिया।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति का संज्ञान लिया है। देवरी वनपाल नीरज पांडेय ने हाथियों की संख्या 22 बताई है। प्रभारी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने ग्रामीणों से सुरक्षा के मद्देनजर झुंड से दूर रहने का आग्रह किया है। वन क्षेत्र पदाधिकारी अनिल कुमार ने कहा है कि कई गांवों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पीड़ित किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हाथियों के झुंड को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के लिए प्रयास जारी हैं। इस संबंध में बांकुड़ा से एक विशेष टीम को भी बुलाया जा रहा है। फिलहाल, यह झुंड बिहार-झारखंड सीमा के आसपास के गांवों में विचरण कर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
