बिहार में अप्रैल तक हो सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव, 1200 से अधिक पद खाली
बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरी की 1200 से अधिक रिक्तियों पर उपचुनाव अगले साल अप्रैल तक कराए जा सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, आयोग जल्द ही भारत निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची की मांग करेगा। मतदाता सूची प्राप्त होने के बाद, इसका वार्डवार, पंचायतवार, प्रखंडवार और जिलेवार विखंडन किया जाएगा।
इसके बाद, निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से दावा-आपत्ति मांगी जाएगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के उपरांत ही उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। आयोग का मानना है कि ज्यादातर पद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के निधन, उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने या उनके त्यागपत्र देने के कारण रिक्त हुए हैं। आयोग के नियमों के अनुसार, रिक्त पदों पर अधिकतम छह महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है। इसी प्रावधान को ध्यान में रखते हुए, आयोग उपचुनाव कराने की पहल कर रहा है।
यह ध्यान देने योग्य है कि 2021 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव के बाद से राज्य निर्वाचन आयोग दो बार उप चुनाव करा चुका है। दिसंबर 2021 में निर्वाचित ढाई लाख से अधिक जन प्रतिनिधियों का वर्तमान कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव 10 चरणों में संपन्न हुए थे। मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों ने पहली बैठक में ही शपथ ग्रहण कर ली थी, जबकि उप-मुखिया और उप-सरपंच के लिए 24 से 31 दिसंबर 2021 तक की अवधि निर्धारित की गई थी। इसी क्रम में, प्रमुख और जिला परिषद अध्यक्ष के लिए शपथ ग्रहण 27 दिसंबर 2021 से 3 जनवरी 2022 तक चला था।
