बिहार में आदर्श आचार संहिता हटी, विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार
बिहार में विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के समाप्त होने के साथ ही रविवार की रात 12 बजे से आदर्श आचार संहिता प्रभावी रूप से वापस ले ली गई है। इस निर्णय के बाद राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्यों को गति मिलने लगी है। चुनाव के दौरान लागू किए गए कई प्रतिबंध अब हटा दिए गए हैं, जिससे सरकार, विभिन्न विभागों और आम नागरिकों के दैनिक कामकाज में सुगमता आने की उम्मीद है।
आचार संहिता हटने का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव विकास कार्यों पर दिखाई देगा। सूत्रों के अनुसार, अब सभी कार्यालयों में सामान्य रूप से कामकाज संचालित होंगे और विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए उनकी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव अधिसूचना जारी होने पर सड़क, पुल, भवन निर्माण जैसे नए प्रोजेक्टों की घोषणाओं पर रोक लग जाती है, और चुनाव अवधि में तबादला, नियुक्ति तथा फंड जारी करने पर भी प्रतिबंध रहता है।
अब विभागीय गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होंगी, जिससे रुके हुए प्रोजेक्टों को मंजूरी मिलने का सिलसिला दोबारा शुरू हो सकेगा। बजट प्रावधानों और नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं भी की जा सकेंगी। मनरेगा, पंचायत और नगरीय निकाय जैसे विभाग, जहां चुनाव के कारण कार्यों की गति सीमित हो गई थी, अब फंड पास होने, भुगतान और मंजूरी की प्रक्रिया तेज होने से राहत महसूस करेंगे।
चुनाव के दौरान, उड़नदस्ता, स्टैटिक सर्विलांस टीमों और आयकर टीमों द्वारा बड़ी नकदी या कीमती सामानों पर तत्काल रोक लगाकर पूछताछ की जाती थी। अब आमजन 2 लाख 50 हजार रुपये तक की नकदी या समान मूल्य का सामान साथ लेकर चल सकेंगे। हालांकि, ढाई लाख से अधिक की नकदी या कीमती सामान होने पर अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा सकती है और आयकर विभाग को सूचना दी जा सकती है। ऐसे में, अधिक नकदी साथ ले जाने पर भी उसके स्रोत बताने वाले दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य होगा।
जांच में ढिलाई के साथ ही अब जब्ती की कार्रवाई तुरंत नहीं की जाएगी। चेक-पोस्ट नाकों पर सघन जांच न होने से शराब और मादक पदार्थों की जब्ती में कमी आ सकती है। पुलिस और जीएसटी पदाधिकारी जांच कार्य जारी रखेंगे, लेकिन ये कार्रवाई अब निर्वाचन आयोग के अधीन नहीं रहेंगी। चुनाव के दौरान सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर लगाने की निगरानी कड़ी रहती थी, जिसके ढीले पड़ने से ऐसे मामलों में वृद्धि की आशंका है। हालांकि, सार्वजनिक संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम पहले की तरह लागू रहेगा और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
BJP तोड़ सकती है कांग्रेस का 40 साल पुराना रिकॉर्ड, अमित मालवीय ने किया बड़ा दावा
रोहिणी आचार्य के अपमान पर तेज प्रताप का कड़ा प्रहार, ‘जयचंदों’ को दी चेतावनी
कांग्रेस ने SIR राज्यों के पदाधिकारियों की बुलाई बैठक, नई रणनीति पर होगी चर्चा
राहुल गांधी हार के शतक से पांच कदम दूर, भाजपा का कांग्रेस पर तीखा प्रहार
राहुल गांधी पर भाजपा का तंज: हार के शतक से पांच कदम दूर, बिहार चुनाव पर उठाए सवाल
पटना की हवा जहरीली: समनपुरा सबसे प्रदूषित, AQI 300 के पार
बिहार चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव आज करेंगे मंथन, बुलाई अहम बैठक
बिहार में कड़ाके की ठंड की दस्तक, मफलर-जैकेट तैयार रखें
