बिहार की सियासत गरमाई: सारण कांग्रेस अध्यक्ष बच्चू प्रसाद बीरू का इस्तीफा, महागठबंधन पर फूटा गुस्सा
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच, सारण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बच्चू प्रसाद बीरू ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर महागठबंधन को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजते हुए महागठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बीरू ने अपने इस्तीफे में स्पष्ट रूप से कहा है कि महागठबंधन में कांग्रेस के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है, खासकर सारण जैसे महत्वपूर्ण जिले की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है। उन्होंने जोर दिया कि सारण जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में से किसी एक से भी कांग्रेस को टिकट नहीं दिया गया, जो कि 2020 के चुनाव में भी देखने को मिला था। इस बार भी पार्टी को नजरअंदाज किया गया है।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस फैसले से न केवल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक, बल्कि दलित, अल्पसंख्यक और अतिपिछड़ा वर्ग भी गहरे आक्रोश में हैं। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन में इस बार इन वर्गों की घोर उपेक्षा की गई है, जिससे उनमें गहरी नाराजगी व्याप्त है। बीरू का कहना है कि यह स्थिति आगामी चुनावों में पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
बीरू के इस इस्तीफे ने बिहार कांग्रेस के भीतर की अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है और महागठबंधन के सहयोगियों के बीच सीट-बंटवारे को लेकर चल रहे तनाव को भी सतह पर ला दिया है। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही इस तरह के घटनाक्रम महागठबंधन के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं और विपक्षी दलों को निशाना साधने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस स्थिति से कैसे निपटता है और क्या बीरू की नाराजगी को दूर किया जा सकेगा।
