बिहार की 40 हजार छात्राएं सीखेंगी आत्मरक्षा, 36 दिनों का होगा कराटे प्रशिक्षण
बिहार सरकार ने राज्य की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने की एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत, राज्य भर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली लगभग 40 हजार छात्राओं को 36 दिनों का विशेष कराटे प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीक सिखाना है, ताकि वे किसी भी आपातकालीन या संकट की स्थिति में खुद की सुरक्षा कर सकें।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद से मिली जानकारी के अनुसार, यह प्रशिक्षण राज्य के सभी 668 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा। कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को इस कार्यक्रम से लाभान्वित किया जाएगा। यह पहल छात्राओं को न केवल शारीरिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी। प्रशिक्षण के दौरान, छात्राओं को कराटे की बेसिक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा, जो उन्हें सुरक्षित रहने में मदद करेंगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह छात्राओं को भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा। जिन छात्राओं में कराटे के प्रति विशेष रुचि दिखाई देगी, उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। इससे वे भविष्य में कराटे प्रशिक्षक के रूप में अपना करियर बना सकती हैं और आजीविका कमा सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, पहले इस तरह का प्रशिक्षण केवल 10 दिनों के लिए दिया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 36 दिन कर दिया गया है, ताकि प्रशिक्षण अधिक प्रभावी हो सके। प्रशिक्षण के लिए पेशेवर महिला कराटे प्रशिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, यदि महिला प्रशिक्षकों की उपलब्धता सीमित रहती है, तो पुरुष प्रशिक्षकों की भी नियुक्ति की जा सकती है। प्रशिक्षकों को उनके दैनिक प्रशिक्षण के आधार पर पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया है।
