बिहार कांग्रेस में कलह: बागी नेताओं के धरने पर पहुंचे पप्पू यादव, हुई तीखी नोकझोंक
बिहार कांग्रेस में 2025 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पार्टी के भीतर का घमासान अब सड़कों पर दिखने लगा है। गुरुवार को असंतुष्ट कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में धरना देकर अपनी नाराजगी जाहिर की। यह धरना पार्टी के स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ था, जिसमें टिकट वितरण में मनमानी और बाहरी उम्मीदवारों को तरजीह देने जैसे आरोपों को लेकर कार्यकर्ता बेहद नाराज थे।
धरने की सूचना पर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए सदाकत आश्रम पहुंचे। उन्होंने जमीन पर बैठकर असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं का गुस्सा कम नहीं हुआ। उन्होंने पप्पू यादव को भी घेर लिया और उन पर भी गलत उम्मीदवार चुनने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इस दौरान ‘वापस जाओ’ के नारे भी लगे, जिससे माहौल और गरमा गया।
नाराज कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि गलत उम्मीदवारों को टिकट देने के कारण ही पार्टी को इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ा। हंगामे के बीच प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश प्रभारी के खिलाफ भी असंतोष जाहिर किया गया।
सूत्रों के अनुसार, पप्पू यादव ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से बंद कमरे में मुलाकात की और कार्यकर्ताओं की मांगों पर चर्चा की। इस मुलाकात के बाद पप्पू यादव वहां से निकल गए। इस धरने में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, निवर्तमान विधायकों के टिकट काटे जाने और बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने से नाराज नेता शामिल थे। इनमें पार्टी के पूर्व प्रवक्ता और कांग्रेस रिसर्च विंग के अध्यक्ष आनंद माधव भी प्रमुख थे।
आनंद माधव ने एक दिन पहले ही एक प्रेस बयान जारी कर कहा था कि बागी नेता ही कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और पार्टी का प्रदेश नेतृत्व आज गलत हाथों में चला गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में ऐसे लोग हावी हैं जो अनजाने में ही सही, लेकिन आरएसएस-भाजपा के हाथों को मजबूत कर रहे हैं।
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