बिहार चुनाव में हार पर BJP प्रत्याशी स्वीटी सिंह का बड़ा खुलासा: ‘मुस्लिम वोटरों ने बांट दिया’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में किशनगंज सीट से पांचवी बार हार का सामना करने वालीं भाजपा प्रत्याशी स्वीटी सिंह ने अपनी हार पर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं के ध्रुवीकरण के कारण उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।
जिला भाजपा कार्यालय में हार की समीक्षा के बाद मीडिया से बात करते हुए स्वीटी सिंह ने कहा, “मुझे मतदाताओं का भरपूर प्यार मिला, लेकिन मैं जीत नहीं सकी। जीत-हार तो लगी रहती है।” उन्होंने आगे कहा, “मुस्लिम मतदाताओं ने मुझे हिंदू-मुस्लिम में बांट दिया, इसलिए मैं फिसल गई। मुझे उम्मीद थी कि इस बार मुझे मुस्लिम मत भी मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”
स्वीटी सिंह ने अपनी हार को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि वे कुछ वोटों से हारी हैं, लेकिन इसे हार नहीं मानेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही वे किशनगंज में हारी हों, लेकिन बिहार में भाजपा की सरकार है और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी उनके अपने हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हार के बावजूद वे जनता के लिए विधायक की तरह काम करेंगी और उनकी समस्याओं का निवारण करने के लिए हमेशा खड़ी रहेंगी।
इस बीच, पूर्व विधायक सिकंदर सिंह ने किसी भी तरह के भीतरघात से इनकार किया और कहा कि सभी कार्यकर्ताओं का उन्हें पूरा साथ मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया था और इस बार पहले की तरह भीतरघात नहीं हुआ।
हालांकि, स्वीटी सिंह ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह से उन्होंने चुनाव लड़ा था, उससे उनकी जीत निश्चित थी और हिंदू मतदाताओं ने उनका भरपूर साथ दिया। लेकिन, मुस्लिम मतदाताओं के बंटवारे ने उन्हें हार की ओर धकेल दिया।
उधर, कोचाधामन विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी वीणा देवी इस दौरान भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने भी मतदाताओं के प्यार के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि वे हमेशा सभी के सुख-दुख में शामिल होंगी।
यह भी गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए की दोनों सीटों पर चुनाव लड़ रही भाजपा की महिला प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में कोई भी प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर का स्टार प्रचारक शामिल नहीं हुआ था। दोनों महिला उम्मीदवारों ने अपने स्तर पर ही प्रचार किया था और अंततः उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
