बीएचयू में उपद्रव: छात्रों ने बस में आग लगाने की कोशिश की, दो वाहन क्षतिग्रस्त
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में मंगलवार रात छात्रों के एक समूह द्वारा किए गए उपद्रव के कारण तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्राक्टोरियल बोर्ड कार्यालय पर पथराव किया और एक खड़ी बस में आग लगाने की कोशिश की।
सूत्रों के अनुसार, घटना तब शुरू हुई जब कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि सुंदर बगिया गेट पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी को पोस्ट ऑफिस चौराहे पर पीटा जा रहा है। जब विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि पूर्व छात्र अंकित पाल, मोहित कुमार और दो अन्य छात्र एक बाहरी युवक, बिहार के भोजपुर निवासी अंकित सिंह को पीट रहे थे।
सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर घायल अंकित को कार्यालय में पहुंचाया। इसके तुरंत बाद, पूर्व छात्र अंकित पाल और सात-आठ अन्य छात्र मुख्य आरक्षाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस की और मारपीट करते हुए कार्यालय का शीशा तोड़ दिया। सुरक्षाकर्मियों ने अंकित पाल, मोहित कुमार और बाहरी युवक अंकित सिंह को पकड़कर कार्यालय में बैठा लिया, जबकि अन्य छात्र भागने में सफल रहे।
कुछ ही देर में, लगभग 50-60 की संख्या में बिड़ला छात्रावास के छात्र इकट्ठा हो गए और उन्होंने कार्यालय पर गाली-गलौज करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस पत्थरबाजी में कार्यालय पर खड़ी बस (यूपी 65 एएस 1587) और ब्रेवो-4 वाहन (यूपी 65 केटी 8424) के शीशे टूट गए। इसके अलावा, एलडी चौराहे पर रखे गमले, कुर्सियां और एक स्कूटी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। बोतलबंद आग को बस पर फेंकने का प्रयास किया गया, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत बुझा दिया।
इस घटना में सुरक्षा सुपरवाइजर प्यारे लाल यादव और सुरक्षाकर्मी प्रमोद कुमार सिंह को चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए ट्रामा सेंटर भेजा गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बल के साथ मिलकर छात्रों को खदेड़ा। छात्रों ने बिड़ला ‘ए’ छात्रावास के अंदर और छत से भी पत्थरबाजी और गाली-गलौज जारी रखी।
सुरक्षा अधिकारी की तहरीर पर अंकित पाल और अंकित सिंह को थाना लंका को सुपुर्द कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
