बेटे की गवाही बनी कातिल पिता के खिलाफ, उम्रकैद की सजा
कानपुर की एक अदालत ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में सबसे अहम गवाह मृतका का बेटा था, जिसने न्यायालय में अपने पिता के खिलाफ चौंकाने वाली गवाही दी।
जानकारी के अनुसार, कटरा बल इटावा निवासी रिषी कुमार ने बर्रा थाने में अपनी बहन प्रीति सिंह की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रीति का विवाह करीब 18 साल पहले ग्राम पिपौरी निवासी अर्जुन सिंह के साथ हुआ था। दोनों का एक 15 वर्षीय बेटा ईशू सिंह है। रिषी कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि अर्जुन सिंह अक्सर शराब के नशे में घर आता था और अपनी पत्नी प्रीति के साथ मारपीट करता था।
6 अगस्त 2021 की रात, अर्जुन सिंह नशे में धुत होकर घर आया और उसने अपनी पत्नी प्रीति की गला दबाकर हत्या कर दी। जब मृतका के भाई को भांजे ईशू से घटना की जानकारी मिली, तो वे मौके पर पहुंचे और शव कमरे में पड़ा मिला।
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए थे, जिनमें मृतका का बेटा, उसकी बहन, भाई और चचेरे भाई शामिल थे। हालांकि, घटना के प्रत्यक्षदर्शी और सबसे महत्वपूर्ण गवाह, मृतका के बेटे ईशू सिंह की गवाही ने मामले को निर्णायक मोड़ दिया।
ईशू ने न्यायालय में बयान दिया कि उसके पिता अक्सर शराब पीकर उसकी मां के साथ मारपीट करते थे। उसने बताया कि 6 अगस्त 2021 की रात, उसके पिता नशे में धुत होकर घर आए थे। रात करीब 10 बजे वह सो गया था, लेकिन मध्य रात्रि में उसे अपनी मां के चीखने की आवाज सुनाई दी। जब वह उठकर देखा तो उसके पिता उसकी मां को पीट रहे थे।
ईशू ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उसके पिता ने उसे भी पीटना शुरू कर दिया और गाली-गलौज करने लगे। इसी दौरान, उसने अपनी आंखों के सामने पिता को मां का गला दबाते देखा, जिससे उसकी मां की मृत्यु हो गई।
न्यायालय ने चश्मदीद गवाह ईशू सिंह की गवाही और अन्य जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अर्जुन सिंह को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।
