बेल्जियम का इंकार: रूसी संपत्ति बेचकर यूक्रेन की मदद की योजना पर सवाल
यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए जब्त की गई रूसी संपत्तियों को बेचने की योजना को बेल्जियम ने अस्वीकार कर दिया है। बेल्जियम सरकार का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और मौजूदा प्रतिबंधों के तहत संभव नहीं है और यह एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकती है। यूरोप में रूस की सबसे बड़ी संपत्ति, जिसका मूल्य लगभग 226 अरब डॉलर है, बेल्जियम में स्थित है। इसी कारण ईयू के सदस्य देश बेल्जियम पर इन संपत्तियों को बेचकर यूक्रेन की सहायता के लिए धन जुटाने का दबाव डाल रहे थे।
यूक्रेन में युद्ध के कारण, अमेरिका और यूरोपीय देशों ने 2022 में रूस और उसके नागरिकों की संपत्तियों को जब्त किया था। युद्धरत यूक्रेन को 2026 और 2027 तक सैन्य और सामान्य खर्चों के लिए लगभग 150 अरब डॉलर की आवश्यकता का अनुमान है। यूरोपीय संघ ने यूक्रेन को इस सहायता का भरोसा दिलाया है। 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईयू यूक्रेन को 197 अरब डॉलर की सहायता दे चुका है, जिसमें हथियार, आवश्यक सामान और वित्तीय सहायता शामिल है। हालांकि, युद्ध की लंबी अवधि और यूक्रेन में हुई तबाही के कारण अब और अधिक बड़ी सहायता की आवश्यकता होगी।
ईयू की कार्यकारी शाखा, यूरोपीय आयोग ने बुधवार को एक बैठक के बाद कहा कि यूक्रेन की जरूरतों को आसान शर्तों पर ऋण देकर पूरा किया जाएगा। लेकिन, इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद बेल्जियम ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस पहल में सहयोग नहीं करेगा। बेल्जियम के विदेश मंत्री ने कहा कि रूसी संपत्ति बेचकर यूक्रेन को ऋण देने की योजना अभूतपूर्व और खतरनाक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की योजना पर पहले कभी काम नहीं हुआ है, इसलिए बेल्जियम के लिए इसमें भाग लेना संभव नहीं होगा। इससे पहले, बेल्जियम ने फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे शक्तिशाली यूरोपीय देशों से रूस के संभावित हमलों के खिलाफ सुरक्षा गारंटी की मांग भी की थी।
दूसरी ओर, रूस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उसकी संपत्ति को बेचना एक चोरी जैसा कृत्य होगा और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है। रूस ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वाले देशों को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
