अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट मामले में बहस पूरी, 5 दिसंबर को आ सकता है फैसला
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ पासपोर्ट से जुड़े मामले में न्यायालय में बहस पूरी हो गई है। इस बहुचर्चित मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) पांच दिसंबर को अपना फैसला सुना सकता है। न्यायालय ने बचाव पक्ष को अपनी अंतिम दलीलें एक दिसंबर तक पेश करने का अवसर प्रदान किया है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस कोतवाली में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों का इस्तेमाल करके दो पासपोर्ट बनवाए। प्राथमिकी के अनुसार, असत्य और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर ये पासपोर्ट बनवाए गए और उनका उपयोग भी किया गया।
जांच में सामने आया कि एक पासपोर्ट में अब्दुल्ला आजम की जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज है, जबकि दूसरे पासपोर्ट में यह 30 सितंबर 1990 बताई गई है। दूसरे पासपोर्ट, जिसका नंबर जेड-4307442 है, 10 जनवरी 2028 तक वैध था, लेकिन गलत जानकारी देकर बनवाने के आरोप में इसे जब्त कर लिया गया था। पुलिस ने इस मामले की जांच पूरी करने के बाद अब्दुल्ला आजम के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
फिलहाल, इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। गुरुवार को अभियोजन पक्ष की ओर से बहस पूरी कर ली गई। इसके बाद न्यायालय ने बचाव पक्ष को अपनी दलीलें पेश करने के लिए अंतिम अवसर के तौर पर एक दिसंबर की तारीख दी है। प्रकरण की अंतिम सुनवाई और फैसले के लिए पांच दिसंबर की तारीख नियत की गई है। इस फैसले का इंतजार राजनीतिक गलियारों में भी किया जा रहा है।
