बड़े भाई ने छोटे भाई को दोस्तों संग मिलकर उतारा मौत के घाट, झील किनारे फेंका शव
बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की हिंसक और आपराधिक आदतों से तंग आकर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी भाई शिवराज ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। मृतक की पहचान 24 वर्षीय धनराज के रूप में हुई है, जबकि आरोपी भाई शिवराज 28 साल का है। दोनों मूल रूप से कलबुर्गी जिले के रहने वाले हैं।
सूत्रों के अनुसार, मृतक धनराज चोरी, शराब पीने और लगातार झगड़ों में लिप्त था। वह अपने माता-पिता के साथ मारपीट भी करता था और यहां तक कि उसने अपने बड़े भाई शिवराज पर भी हाथ उठाया था। पड़ोसियों ने भी उसकी मोबाइल और मवेशी चोरी की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन सब हरकतों से तंग आकर शिवराज ने अपने भाई को सबक सिखाने का फैसला किया।
पुलिस की जांच में पता चला है कि शिवराज ने धनराज को बन्नेरघट्टा एनआईसीई रोड जंक्शन के पास एक कार में बिठाया। कार में उसके दो दोस्त, संदीप और प्रशांत भी मौजूद थे। धनराज आगे की सीट पर बैठकर फोन देख रहा था, तभी पीछे बैठे संदीप और प्रशांत ने उसे जकड़ लिया। इसके बाद शिवराज ने धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर वार कर दिया, जिससे कार के अंदर ही धनराज की मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया। उन्होंने धनराज के शव को बन्नेरघट्टा-कग्गलीपुरा रोड के किनारे एक झील के पास फेंक दिया। इसके अलावा, कार के मैट और इस्तेमाल किए गए हथियार को इलेक्ट्रॉनिक सिटी एनआईसीई रोड के पास फेंक दिया गया। चार दिन बाद, 6 नवंबर को, पुलिस को झील के पास एक सड़ा-गला शव मिला।
शुरुआत में पुलिस को यह एक अप्राकृतिक मौत का मामला लगा। हालांकि, पास की एक निजी कंपनी द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में एक कार को रुकते और फिर शव को फेंकते हुए कैद किया गया। यह फुटेज इस मामले में अहम सबूत साबित हुआ। पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों, शिवराज, संदीप और प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
