बदायूं में ट्रैफिक पुलिस की कमी से चरमराई यातायात व्यवस्था, जाम से जनता परेशान
बदायूं शहर में यातायात पुलिस की अनुपस्थिति के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार लगने वाले जाम ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिसकर्मियों की भारी कमी के चलते जाम खुलवाने में भी परेशानी हो रही है, और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी नाकाफी साबित हो रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, तैनात यातायात पुलिसकर्मियों में से आधे से अधिक विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों में व्यस्त हैं। इनमें से 14 पुलिसकर्मी प्रशिक्षण पर गए हुए हैं, जबकि 23 पुलिसकर्मी लखनऊ में वीआईपी ड्यूटी पर तैनात हैं। इसके परिणामस्वरूप, शहर में केवल 10-12 पुलिसकर्मी ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए उपलब्ध हैं। इनकी मदद के लिए कुछ होमगार्ड भी तैनात हैं, लेकिन उनकी संख्या भी अपर्याप्त है और वे हर तिराहे-चौराहे को कवर करने में असमर्थ हैं।
इस पुलिसकर्मी की कमी का सीधा असर शहर के प्रमुख चौराहों पर देखा जा रहा है। शहीद भगत सिंह चौक, दातागंज तिराहा, इंदिरा चौक, भामाशाह चौक, महाराणा प्रताप तिराहा, और लालपुल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। कुछ इलाकों में तो रोजाना जाम लगता है, जिसे खुलने में घंटों लग जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि रोडवेज चौराहे पर केवल एक पुलिसकर्मी तैनात है, जबकि परशुराम चौक पर एक भी यातायात पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है। इसी तरह, शहीद भगत सिंह चौक, पुरानी चुंगी और दातागंज तिराहे पर भी पुलिसकर्मियों के बजाय केवल होमगार्ड ही ड्यूटी पर हैं।
यातायात माह के दौरान भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पुलिसकर्मियों की कमी के चलते न तो लोगों को यातायात नियमों के प्रति ठीक से जागरूक किया जा सका और न ही वाहनों की सघन चेकिंग हो पाई। जागरूकता रैली जैसी शुरुआत के बाद पूरा महीना औपचारिकता निभाने में ही बीत गया।
यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद जाम की स्थिति बनी रहती थी। अब जब उनकी संख्या आधी से भी कम रह गई है, तो आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह इस समस्या का शीघ्र समाधान करे ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
