बारात रोककर दूल्हे से भरवाया एसआईआर फॉर्म, ग्राम प्रधान और बीएलओ की अनूठी पहल
उत्तर प्रदेश के स्वार कोतवाली क्षेत्र के गांव समोदिया में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ ग्राम प्रधान और एक बीएलओ ने सरकारी जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया। गुरुवार की सुबह जब जसीम की बारात अजीतपुर के लिए रवाना होने वाली थी, तब ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ हुसैन अंसारी और बीएलओ रजिंदर सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने दूल्हे जसीम को रोककर, निकाह और रुखसती से पहले एसआईआर (SIR) फॉर्म भरने के लिए कहा। दूल्हे के फॉर्म भरने के बाद ही बारात को रवाना होने की अनुमति दी गई। इस घटना ने पूरे गांव में चर्चा का विषय बना दिया और लोगों ने ग्राम प्रधान व बीएलओ की इस पहल की जमकर सराहना की।
ग्राम प्रधान और बीएलओ ने बताया कि यह कदम सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर योग्य नागरिक का महत्वपूर्ण सरकारी फॉर्म समय पर भर जाए। व्यस्तता या अन्य कारणों से लोग अक्सर इन प्रक्रियाओं को टाल देते हैं, लेकिन इस बार दूल्हे को निकाह की रस्मों के बीच ही यह औपचारिकता पूरी करनी पड़ी।
इस घटना को सामाजिक जिम्मेदारी का एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है। ग्रामीणों और युवा वर्ग ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि इसी तरह हर अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी भूमिका निभाएं, तो सरकारी योजनाओं और दस्तावेज़ों से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी और समयबद्ध हो सकती हैं। लोगों का मानना है कि इस छोटी सी पहल ने एक बड़े जागरूकता का संदेश दिया है कि जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर भी सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को नहीं भूलना चाहिए।
ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ हुसैन ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि गांव का हर नागरिक जागरूक रहे। दूल्हे के निकाह से पहले एसआईआर फार्म भरवाना केवल औपचारिकता नहीं बल्कि, जागरूकता का संदेश है। हर बीएलओ को इसी तरह संकल्पित होकर अपने काम को अंजाम देने की जरूरत है। वहीं लोगों को भी जल्द से जल्द प्रपत्र भरकर बीएलओ के पास जमा कर देने चाहिए।’ यह पहल दर्शाती है कि कैसे लगन और रचनात्मकता से सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है।
