बांग्लादेशी महिला संग पति के रहने से परेशान, महिला ने कलेक्टर से लगाई गुहार
भोपाल में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को एक दुखियारी महिला ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया है और वह एक बांग्लादेशी महिला के साथ रह रहा है। इतना ही नहीं, ससुराल वालों ने भी उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया।
संत हिरदाराम नगर निवासी पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी ससुराल राजगढ़ जिले के देवगढ़ के पास है। पति द्वारा मारपीट किए जाने के बाद जब उसने नरसिंहगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि वह अपने पति और उस अज्ञात बांग्लादेशी महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती है।
इसी जनसुनवाई में इंडस रेजेंसी नवीबाग निवासी छाया सिकरवार ने भी अपनी व्यथा सुनाई। उनके पति संजय सिंह सिकरवार, जो सेना से रिटायर्ड हैं, चार साल पहले बिना बताए घर से चले गए थे। उन्होंने 42 लाख रुपये का एक मकान खरीदा था, जिसके लिए 21 लाख रुपये नकद और 21 लाख रुपये का बैंक लोन लिया था। पति की पेंशन से अब तक लोन की अच्छी खासी रकम चुकाई जा चुकी है। हालांकि, पति के जीवित होने का प्रमाण-पत्र बैंक को न मिलने के कारण उनकी पेंशन रोक दी गई है। इससे उन्हें बैंक और अन्य अधिकारियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। इस मामले की जांच एसडीएम भोपाल को सौंपी गई है।
एक अन्य महिला ने शिकायत की कि उसका पति शराब पीकर उससे मारपीट करता है और उसने उनकी तीन साल की बेटी को भी अपने पास रख लिया है। पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है। महिला ने अपनी बेटी को वापस दिलाने और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जनसुनवाई में दंगा पीड़ित कालूराम ने आर्थिक सहायता न मिलने पर अधिकारियों को धमकी भी दे डाली, हालांकि बाद में उनका आवेदन जांच के लिए भेज दिया गया। कुल मिलाकर, जनसुनवाई में लगभग 135 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिनके त्वरित निराकरण के निर्देश एडीएम सुमित पांडे और अंकुर मेश्राम ने संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
