बांग्लादेश में बीएनपी गुटों में खूनी संघर्ष: 100 से अधिक घायल, 50 की हालत गंभीर
बांग्लादेश के फरीदपुर जिले के साल्था में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के दो गुटों के बीच शनिवार को हुई हिंसक झड़पों में 100 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में से 50 लोगों को गंभीर अवस्था में फरीदपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस झड़प के दौरान 20 घरों में तोड़फोड़ भी की गई, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, फरीदपुर के गट्टी यूनियन में बीएनपी नेता जाहिद मतुब्बोर और नूरू मतुब्बोर के समर्थकों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद हाल के हफ्तों में काफी बढ़ गया था। इसी विवाद के चलते दोनों गुटों में कई बार टकराव की नौबत आई। शनिवार को यह विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, जब दोनों गुटों के समर्थक एक बार फिर आमने-सामने आ गए।
साल्था पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद हालात को नियंत्रण में लाया गया। गट्टी यूनियन के बलिया बाजार इलाके में तीन अलग-अलग जगहों पर यह झड़पें हुईं, जिनमें 20 गांवों के हजारों लोग शामिल थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।
इस बीच, बीएनपी की पूर्व प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि सीने में संक्रमण के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
वहीं, खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान, जो फिलहाल ब्रिटेन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं, ने स्वदेश लौटने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह मुश्किल समय में अपनी माँ के साथ रहना चाहते हैं और बांग्लादेश लौटना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह उनके हाथ में नहीं है और राजनीतिक माहौल के ठीक होने की उम्मीद जताई।
इस मामले पर बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार के कार्यालय ने कहा है कि अंतरिम सरकार को तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। रहमान 2008 से ब्रिटेन में रह रहे हैं और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
