बैंक अधिकारी बनकर ठगी, पेंशनभोगी से ₹50 हजार पार, पुलिस जांच में जुटी
डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के साथ-साथ साइबर अपराधी भी अधिक सक्रिय हो गए हैं, जो भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तोशाम से सामने आया है, जहां बुशान निवासी प्रधान मा. दलबीर सिंह को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताकर फोन पर 50 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।
पीड़ित मा. दलबीर सिंह ने बताया कि वह पेंशन प्राप्त करते हैं और हर वर्ष नवंबर माह में पेंशन के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करवाना होता है। इसी प्रक्रिया का हवाला देते हुए उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताया। फोन करने वाले ने कहा कि आपकी पेंशन के लिए वेरिफिकेशन करनी है और इसके लिए आपकी व्यक्तिगत जानकारी की आवश्यकता होगी।
जानकारी के अभाव में, मा. दलबीर सिंह ने अपनी जन्म तिथि और अन्य आवश्यक जानकारी फोन करने वाले को दे दी। इसके तुरंत बाद, उनके पास एक संदेश आया, जिसे देखने पर पता चला कि उनके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं।
ठगी का एहसास होने पर, उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही, उन्होंने बैंक के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अपने डेबिट कार्ड को भी तुरंत बंद करवाया, ताकि आगे कोई और नुकसान न हो सके।
सूत्रों के अनुसार, मा. दलबीर सिंह ने भिवानी स्थित पुराने बस स्टैंड के पास साइबर क्राइम ब्रांच कार्यालय में पहुंचकर अपनी शिकायत विस्तृत रूप से दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पुलिस की एक टीम इस मामले की छानबीन कर रही है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा जताया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही अपराधी पकड़े जाएंगे और उन्हें न्याय मिलेगा।
यह घटना एक बार फिर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है। अक्सर ओटीपी मांगने, एपीके फाइल डाउनलोड कराने या व्यक्तिगत जानकारी पूछकर साइबर अपराधी लोगों को झांसे में लेते हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार लोगों से ऐसे अनजाने फोन कॉल्स और संदेशों से सावधान रहने की अपील कर रहे हैं।
