बाघ-तेंदुए की दहशत: ड्रोन से हो रही निगरानी, पकड़ने को तीन टीमें सक्रिय
लखीमपुर खीरी के पलिया और संपूर्णानगर रेंज में बाघ और तेंदुए द्वारा दो लोगों का शिकार किए जाने की घटनाओं के बाद वन विभाग ने इन खतरनाक वन्यजीवों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया है। विभाग अब ड्रोन कैमरों की मदद से इन जानवरों की गतिविधियों पर बारीक नजर रख रहा है, ताकि उनकी सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके।
वन विभाग ने इन वन्यजीवों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में छह पिंजरे और चौदह कैमरे लगाए हैं। इन पिंजरों को पलिया रेंज के खुशीपुर, फरसहिया, मकनपुर और पटिहन सहित छह संभावित जगहों पर स्थापित किया गया है। वहीं, बाघ की लोकेशन का पता लगाने के लिए लगाए गए 14 कैमरे भी लगातार निगरानी कर रहे हैं। वनकर्मी बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए लगातार गश्त भी कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग की रेंजर विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन टीमें इस अभियान में जुटी हुई हैं। बीती रात अंबेडकर नगर में बाघ की लोकेशन मिलने की सूचना पर जांच की गई, लेकिन वहां मिले पगमार्क पुराने पाए गए। वन्यजीवों की सटीक लोकेशन न मिलने के कारण उन्हें पकड़ने में अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि तेंदुए की लोकेशन भी सटीक नहीं मिल पा रही है, जिस कारण उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। ड्रोन कैमरे की मदद से अब सटीक लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही बाघ या तेंदुए की सही लोकेशन का पता चलेगा, तुरंत हाथियों की मदद से उन्हें पकड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। हाथियों को भी आवश्यकतानुसार बुलाने के लिए तैयार रखा गया है।
इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग भी लिया जा रहा है, जो वन विभाग को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे हैं। वन विभाग को उम्मीद है कि इन प्रयासों से जल्द ही खतरनाक वन्यजीवों को पकड़ा जा सकेगा और क्षेत्र में फैले भय का माहौल समाप्त होगा।
