बागपत नगर पालिका चेयरमैन राजुद्दीन पद से हटाए गए, आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी
बागपत में नगर पालिका के चेयरमैन एडवोकेट राजुद्दीन को उनके पद से हटा दिया गया है। शासन ने दुकानों के गलत आवंटन, निधि के दुरुपयोग और पालिका हित के विरुद्ध कार्य करने का दोषी मानते हुए यह कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम ने हटाए गए चेयरमैन राजुद्दीन को शासन का आदेश तामील करा दिया है। इस मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर प्रशासक नियुक्त करने की कवायद तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका की कमान संभालने के लिए एडीएम अथवा एसडीएम में से किसी एक को प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि एडीएम के प्रशासक नियुक्त होने की संभावना अधिक है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि रविवार को नगर पालिका बागपत में प्रशासक नियुक्त कर दिया जाएगा, जिनकी जिम्मेदारी एडीएम या एसडीएम में से किसी एक को सौंपी जाएगी। एसडीएम अमरचंद वर्मा ने हटाए गए चेयरमैन को शासन से मिले हटाने के आदेश की जानकारी दे दी है।
यह भी बताया गया है कि हटाए गए चेयरमैन राजुद्दीन एडवोकेट को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। उन पर मनमाने ढंग से हाउस टैक्स लगाने, पालिका दुकानों का गलत आवंटन करने, स्टांप शुल्क की क्षति पहुंचाने, हाउस टैक्स सर्वे रजिस्टर न बनाने तथा श्मशान निर्माण व कब्रिस्तान में गलत ढंग से इंटरलॉकिंग निर्माण कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि, इन अनियमितताओं के लिए पालिका के कर्मियों एवं अधिकारियों की जिम्मेदारी अभी तक तय नहीं की गई है।
दूसरी ओर, हटाए गए चेयरमैन एडवोकेट राजुद्दीन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक दुर्भावना के चलते निशाना बनाया गया है और सारे आरोप निराधार हैं। हटाए गए चेयरमैन को लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी राजनीतिक गहमागहमी बनी हुई है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेता और कार्यकर्ता उनके पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
इस बीच, पूर्व सभासद निसार अहमद ने चेयरमैन राजुद्दीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि विवादित दस्तावेजों पर हटाए गए चेयरमैन के हस्ताक्षर हैं। आरोप है कि चेयरमैन ने भूमाफिया को कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से मकान और रास्ते बनवाने में मदद की, जिसकी जांच चल रही है। निसार अहमद ने यह भी दावा किया कि संपत्ति रजिस्टर गायब है, जो एक बड़े घोटाले का संकेत हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की गहन जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान सभासद श्रीपाल भी मौजूद थे।
