0

बाढ़ ने तोड़ी किसानों की कमर, धान उत्पादन में 24% गिरावट

By Nov 25, 2025

पंजाब के किसानों पर इस साल कुदरत का दोहरा वार हुआ है। जहां एक ओर भारी बारिश और बाढ़ ने धान की खड़ी फसलों को तबाह कर दिया, वहीं दूसरी ओर मौसम की मार के चलते धान का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 24% तक गिर गया है। इस गिरावट से किसानों को करोड़ों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

उत्पादन में आई इस भारी कमी का सीधा असर धान खरीद पर भी पड़ा है। सरकारी एजेंसियों की ओर से निर्धारित खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। सरकारी खरीद सीजन समाप्त हो चुका है और अब आने वाले दिनों में ही पता चल पाएगा कि निजी खरीदारों ने कितनी मात्रा में धान खरीदा है। हालांकि, अनुमान है कि किसानों ने 95% से अधिक धान बेच दिया है, जबकि कुछ मात्रा ही घरों में स्टोर की गई है।

इस वर्ष नवांशहर जिले में लगभग 60 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की बुवाई हुई थी। कृषि विभाग द्वारा अनुमानित उत्पादन के आधार पर मार्किंग बोर्ड ने जिले में 3.90 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा था। लेकिन, सीजन के दौरान मंडियों में पिछले साल की तुलना में 83,695 मीट्रिक टन कम धान की आवक हुई। नवांशहर मंडी में 42,508 मीट्रिक टन, बंगा में 32,876 मीट्रिक टन और बलाचौर में 18,311 मीट्रिक टन धान की आवक कम रही। कुल मिलाकर, धान की आवक में 24.07% की कमी दर्ज की गई है।

किसानों का कहना है कि जिले के कई इलाकों में बाढ़ का प्रकोप झेलना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ अत्यधिक बारिश ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया। खासकर तब, जब धान की फसल पक चुकी थी, उस दौरान दो बार हुई तेज बारिश ने उत्पादन पर सीधा नकारात्मक प्रभाव डाला। किसानों को अब अगली गेहूं की फसल से बेहतर उत्पादन की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हो सके।

इस संबंध में जिला मंडी अधिकारी ने बताया कि खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी थीं और एजेंसियां तत्पर थीं, लेकिन आवक कम होने के कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। जिला कृषि अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि मौसम का फसलों के उत्पादन पर सबसे अहम रोल होता है और इस बार बेमौसमी बारिश के कारण धान का उत्पादन कुछ कम रहा।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें