बाबरी मस्जिद पर धरना क्यों? मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, अब यह गुजरी हुई बात है
आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के अवसर पर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि साल में एक बार आने वाला छह दिसंबर का दिन मुसलमानों के लिए अत्यंत दुखद होता है, लेकिन अब इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन करना उचित नहीं है।
मौलाना रजवी ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, जिसके तहत बाबरी मस्जिद को राम जन्मभूमि के हवाले कर दिया गया और मस्जिद के लिए वैकल्पिक भूमि आवंटित की गई। उन्होंने कहा कि पूरे भारत के मुसलमानों ने इस फैसले को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा, “हालांकि यह दिन हमें पुरानी यादें ताजा कराता है और घावों को हरा कर देता है, लेकिन अब हमें आगे बढ़ना होगा।” मौलाना रजवी ने देश भर के मुसलमानों से अमन और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “बाबरी मस्जिद के नाम पर अब कोई धरना प्रदर्शन करने की कोई जरूरत नहीं है। यह अब गुजरी हुई बातें हो गई हैं।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि हम नए सिरे से सोचें और देश की तरक्की व विकास में योगदान दें। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने पैगंबर मोहम्मद साहब के अमन और शांति के संदेश का हवाला देते हुए कहा कि हमें उसी पर अमल करना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब छह दिसंबर को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज थी। इस बीच, विभिन्न राज्यों में भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं।
