बाबरी मस्जिद की नींव, राम मंदिर की शिला पूजा: बंगाल में धार्मिक टकराव की आहट
पश्चिम बंगाल में धार्मिक तनाव का माहौल गरमाता दिख रहा है, जहां एक निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक और एक भाजपा नेता ने एक ही दिन अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसने राजनीतिक और धार्मिक विवाद को जन्म दिया है।
मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में, निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने भारी गहमागहमी के बीच शनिवार दोपहर बाबरी मस्जिद की नींव रखी। बांग्लादेश की सीमा से सटे इस मुस्लिम बहुल इलाके में आयोजित इस कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय की भारी भीड़ उमड़ी। समारोह स्थल पर कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति भी देखी गई। देश-विदेश से इस्लामी धर्मगुरुओं ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की। विधायक कबीर ने दावा किया कि 25 बीघा भूमि पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में तीन लाख से अधिक लोग शामिल हुए। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए थे।
विधायक हुमायूं कबीर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण होकर रहेगा और इसे कोई ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मस्जिद के निर्माण के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी, क्योंकि पूरे बंगाल और देश भर से मुस्लिम समुदाय के लोग इसमें आर्थिक सहयोग करेंगे।
इस बीच, बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने के जवाब में, मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर में भाजपा नेता शाखारभ सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए शिला पूजा का आयोजन किया। बहरमपुर के मनींद्र नगर क्षेत्र में पूर्वाशा क्लब के मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में भी भाजपा समर्थकों की भीड़ देखी गई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब हाल के दिनों में मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा वाले पोस्टर भी सामने आए थे, जिस पर भाजपा ने सत्तारूढ़ टीएमसी को घेरने का प्रयास किया था। छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखने की घोषणा के बाद से ही यह मामला चर्चा में था। इन दोनों आयोजनों ने राज्य में राजनीतिक और धार्मिक ध्रुवीकरण को और गहराने की आशंका पैदा कर दी है।
