बाबा नीम करोली का विशाल भंडारा आज, 50 हजार से अधिक श्रद्धालु करेंगे प्रसाद ग्रहण
फिरोजाबाद के टूंडला में बाबा नीम करोली महाराज के प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में देश भर से करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की उम्मीद है। मंदिर के निकट आयोजित इस भंडारे के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, डेढ़ बीघा जमीन को वाहन पार्किंग के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि तीन बीघा क्षेत्र और पंडाल में टाट-पट्टी बिछाकर श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाएगा। एक साथ दो हजार से अधिक लोग प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। विशेष रूप से, जो श्रद्धालु जमीन पर बैठकर भोजन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए कुर्सी और मेज की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर बाबा नीम करोली महाराज के जीवन, उनके चमत्कारों और प्रेरणादायक यात्रा पर भी प्रकाश डाला गया। बचपन से ही अध्यात्म में गहरी रुचि रखने वाले बाबा ने अनगिनत लोगों के जीवन को सही दिशा दिखाई।
बाबा नीम करोली महाराज आश्रम में पूजन करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी देखे गए।
बाबा के दामाद, जगदीश प्रसाद भटेले, ने बताया कि यह आयोजन बाबा के प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में शुक्रवार को किया जा रहा है।
बाबा के चमत्कारों का एक प्रत्यक्षदर्शी उदाहरण कनाडा में रहने वाले डॉ. निर्मल ने साझा किया। उन्होंने बताया कि 1950 में उनके जन्म के समय, उनका शरीर शिथिल था और कोई अंग काम नहीं कर रहा था। जब उनके परिजन रो रहे थे, तब बाबा नीम करोली महाराज उनके घर पहुंचे। बाबा ने उन्हें अपने पास लिटाया और अपने पैर के दाहिने अंगूठे से उनके होठों को छुआ। इस स्पर्श के बाद ही उनके शरीर में हलचल शुरू हुई, जिसे वे एक साक्षात चमत्कार मानते हैं।
बाबा नीम करोली महाराज के नाती, डॉ. धनंजय शर्मा, ने बताया कि उन्होंने 13 वर्ष की आयु तक अपने बाबा का सानिध्य प्राप्त किया था। वर्ष 1973 में बाबा ने शरीर छोड़ा था। डॉ. धनंजय ने याद करते हुए बताया कि बाबा अक्सर उनसे कहते थे कि वे बड़े होकर डॉक्टर बनेंगे, जो एक भविष्यवाणी साबित हुई।
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